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वन्यजीव संरक्षण में मिसाल बना चक्रधरपुर रेलवे डिवीजन, किया गया सम्मानित

यह सम्मान उस त्वरित, संवेदनशील और जिम्मेदार निर्णय के लिए दिया गया, जिसके तहत बिसरा और बोंदामुंडा केबिन ‘ए’ के बीच रेलखंड पर हाथियों के झुंड की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इस निर्णय के कारण 22 हाथियों का झुंड बिना किसी बाधा के रेल ट्रैक को सुरक्षित रूप से पार कर सका और एक बड़ी वन्यजीव दुर्घटना टल गई।

सम्मान समारोह में चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया (डीआरएम/सीकेएपी), मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, रेलवे कर्मचारी तथा वन्यजीव ट्रस्ट ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने इस पहल को रेलवे प्रशासन और वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

रेलवे अधिकारियों ने इस मौके पर कहा कि वन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाकर समय रहते ट्रेन संचालन को नियंत्रित करना और त्वरित निर्णय लेना वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी और आवश्यक कदम है। उन्होंने इस पहल को भारतीय रेलवे की मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

उल्लेखनीय है कि चक्रधरपुर रेलवे डिवीजन देश के अत्यंत व्यस्त हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है। यह इलाका झारखंड और ओडिशा के घने वन क्षेत्रों से सटा हुआ है, जहां हाथियों की आवाजाही अक्सर देखने को मिलती है। ऐसे में ट्रेन परिचालन के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी रहती है, जिसे चक्रधरपुर डिवीजन ने सफलतापूर्वक निभाया है।————–