पंचांग : 31 अक्टूबर, 2025

ग्रह स्थिति

सूर्य तुला में

चंद्र कुंभ में

मंगल वृश्चिक में

बुध वृश्चिक में

गुरु कर्क में

शुक्र कन्या में

शनि मीन में

राहु कुंभ में

केतु सिंह में

लग्नारंभ समय

वृश्चिक 07.22 बजे से

धनु 09.38 बजे से

मकर 11.44 बजे से

कुंभ 13.30 बजे से

मीन 15.03 बजेे से

मेष 16.33 बजे से

वृष 18.14 बजे से

मिथुन 20.12 बजे से

कर्क 22.25 बजे से

सिंह 00.41 बजे से

कन्या 02.53 बजे से

तुला 05.04 बजे से

शुक्रवार 2025 वर्ष का 304वां दिन

दिशाशूल पश्चिम ऋतु शरद।

विक्रम संवत् 2082 शक संवत् 1947

मास कार्तिक पक्ष शुक्ल

तिथि नवमी 10.04 बजे को समाप्त।

नक्षत्र धनिष्ठा 18.51 बजे को समाप्त।

योग गण्ड 06.16 बजे तदनन्तर वृद्धि 04.32 बजे को प्रात: समाप्त।

करण कौलव 10.04 बजेे तदनन्तर तैतिल 21.44 बजे को समाप्त।

चन्द्रायु 09.5 घण्टे

रवि क्रान्ति दक्षिण 140 07’

सूर्य दक्षिणायन

कलि अहर्गण 1872514

जूलियन दिन 2460979.5

कलियुग संवत् 5126

कल्पारंभ संवत् 1972949123

सृष्टि ग्रहारंभ संवत् 1955885123

वीरनिर्वाण संवत् 2552

हिजरी सन् 1447

महीना जमादि उल्लावल तारीख 08

विशेष अक्षय नवमी, जगद्धात्री पूजा।