नक्सलियों के आईईडी विस्फोट में 10 वर्षीय बच्ची की मौत

सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे तथा क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विस्फोट नक्सलियों की ओर से पहले से लगाए गए आईईडी के कारण हुआ।

पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी के संकेत पहले भी मिले थे और सुरक्षाबलों की गतिविधियों में बाधा डालने के लिए नक्सलियों ने कई जगह आईईडी लगाई थी।

उल्लेखनीय है कि सारंडा क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार ग्रामीण, पुलिस बल और सीआरपीएफ,कौबरा बटालियन के जवानों के अलावा जंगली पशु (हाथी) भी नक्सलियों के लगाए गए विस्फोटक की चपेट में आ चुके हैं।