राज्य नियंत्रण बोर्ड ने कॉलेज छात्रों को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों बारे दी जानकारी

उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन कोई भविष्य का खतरा नहीं, बल्कि एक वर्तमान वास्तविकता है, जो सूखा, बाढ़, तूफान और समुद्र-स्तर में वृद्धि जैसी चरम मौसमी घटनाओं के रूप में हमारे सामने प्रकट हो रही हैं। इसके प्रमुख कारणों में जीवाश्म ईंधन (तेल, कोयला एवं गैस) का अत्यधिक उपयोग और उससे उत्पन्न ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन शामिल है।

वरुण गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन न केवल हमारे पर्यावरण के लिए, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जल संसाधनों और आर्थिक स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने सरकार द्वारा इस वैश्विक चुनौती से निपटने हेतु उठाए जा रहे विभिन्न कदमों पर भी प्रकाश डाला और उपस्थित सभी छात्रों से व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।