धर्मांतरण मामले में कुलपति आरबी लाल समेत सात लाेगाें पर दर्ज एफआईआर काे सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द

ने 90 हिंदुओं के सामूहिक धर्मांतरण के मामले में शुआट्स (पूर्व का इलाहाबाद एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी) के वाइस चांसलर आरबी लाल समेत सात आरोपितों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये आदेश दिया।

उच्चतम न्यायालय

ने एक मार्च, 2024 को आरबी लाल समेत सात आरोपितों को नियमित जमानत दे दी थी। उच्चतम न्यायालय

ने 19 दिसंबर, 2023 को उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक लगाते हुए यूपी सरकार को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने आरबी लाल के अलावा रेखा पटेल, प्रोफेसर रमाकांत दुबे, विनोद बिहार लाल, प्रोफेसर रानु प्रसाद, डेविड फिलिप और सुनील कुमार जॉन की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय

ने आरोपितों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार करते हुए आरोपितों को 20 दिसंबर, 2023 के पहले सरेंडर करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय

का कहना था कि ये समाज के बड़े तबके के हितों से जुड़ा मसला है। उच्च न्यायालय

ने कहा था कि जांच एजेंसी ने धर्मांतरण के आरोप को साबित करने के लिए सबूत रखे हैं। आरोप बेहद संजीदा हैं और कोर्ट इन्हें हल्के में नहीं ले सकता।