आदिवासी हुंकार रैली की पूर्व संध्या पर आदिवासी संगठनों ने निकाला जुलूस

इस मौके पर पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि कुड़मी समाज का एसटी मांग एक राजनीतिक प्रेरित है। उन्होंने कहा कि आदिवासी नेताओं को हक, अधिकार को बचाने के लिए आदिवासी समाज के साथ के खड़ा रहना चाहिए। कुड़मी को एसटी का दर्जा नहीं मिलना चाहिए। कुड़मी फर्जी आदिवासी बनना चाहते है। आदिवासी को मिलने वाले अधिकार पर कब्जा करना चाहते हैं। केंद्रीय सरकार को असंवैधानिक मांगने वाले कुड़मी नेताओं पर कार्रवाई करना चाहिए। कुड़मी समाज के लोग 1996 पेसा कानून पर भी बदलने का प्रयास किया था।

सामाजिक कार्यकर्ता निरंजना हेरेंज ने कहा कि कुड़मी एसटी की मांग बंद नहीं करेंगे तबतक आंदोलन जारी रहेगा।

इस मौके पर आकाश तिर्की, राहुल तिर्की, निरंजना हेरेंज, रौशनी कुमारी समेत सैकड़ों आदिवासी शामिल रहे।