गहलोत ने जहां—जहां प्रचार किया, वहां कांग्रेस हुई धराशायी, गुजरात, महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में हारेगी कांग्रेस: मदन राठौड़

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि गहलोत जनता को गुमराह करने के बजाय आत्ममंथन करें कि आखिर उसके वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी अब पार्टी की हार का कारण क्यों बन रही है। अशोक गहलोत आज भी केवल सत्ता के समीकरण बनाने में लगे हैं, जबकि जनता विकास, कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता चाहती है , यह केवल भारतीय जनता पार्टी दे रही है। अंता विधानसभा उपचुनाव पर राठौड़ ने कहा कि जिस दिन उनके उम्मीदवार चुनाव हारे, उसी दिन से वे इस प्रयास में जुट गए कि “कैसे बिल्ली के भाग का छीका टूटे और मलाई उन्हें मिल जाए।” कांग्रेस नेताओं की पूरी राजनीति केवल सत्ता की मलाई के इर्द-गिर्द घूमती है, जनसेवा उनके एजेंडे में कहीं नहीं है। कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है, वहां डिक्टेटरशिप चलती है, कोई भी स्वयं को उम्मीदवार घोषित कर देता है और पार्टी केवल मजबूरी में नाम पर मुहर लगाती है। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी में जनअपेक्षाओं के अनुरूप, सर्वेक्षणों एवं विचार-मंथन के बाद ही उम्मीदवार तय किए जाते हैं। हमारी कोर कमेटी व्यापक विचार-विमर्श कर जनता के हित में निर्णय लेती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद है, अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई होती है, महिला पुलिस को साधन—सुविधा प्रदान की जा रही है और थानों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है। जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासनकाल में अपराधियों को थानों से छुड़ाया जाता था, पुलिस पर हमले होते थे, वहीं भाजपा सरकार में पारदर्शिता, सुशासन और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की नीति लागू की गई है।

महंगाई के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस काल में महंगाई दर 9.8 प्रतिशत थी, जो भाजपा शासन में घटकर 1.9 प्रतिशत पर आ गई है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य उनकी उपज से दोगुना दिया जा रहा है, पर कांग्रेस को इसमें कोई अच्छाई नहीं दिखती। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के नेता अब जनता को गुमराह नहीं कर सकते। भाजपा का हर कार्यकर्ता विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए समर्पित है। जनता अब विकास और विश्वास के साथ है, भारतीय जनता पार्टी के साथ है।