कम आक्रामक होकर भी बड़ी पारी खेलने की जायसवाल की कला ने किया प्रभावित : सितांशु कोटक
जायसवाल ने अपनी पारी में 262 गेंदों का सामना किया और 22 चौके लगाए। वे पूरी पारी में वे विपक्षी गेंदबाजों पर हावी नज़र आए। कोटक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जिस तरह से उन्होंने विकेट को समझते हुए अपनी बल्लेबाजी को ढाला, बाउंस और पेस को ध्यान में रखते हुए शॉट सेलेक्शन किया, वह शानदार था।” उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में अच्छी शुरुआत (36 रन) के बाद बड़ा स्कोर न बना पाने से जायसवाल थोड़े निराश थे और इस मैच में वह बड़ी पारी खेलने को लेकर बेहद दृढ़ थे।
कोटक ने कहा, “मेरे लिए सबसे अहम बात यही थी कि वह बड़ी पारी खेलने के लिए कितने दृढ़ निश्चयी थे। उन्होंने सही शॉट चुनकर बिना ज़्यादा आक्रामक खेले ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।” उन्होंने जयसवाल के शॉट सेलेक्शन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “इस स्तर पर खिलाड़ी परिस्थितियों को देखकर ही शॉट चुनते हैं—पिच, बाउंस, गेंदबाज—सब कुछ समझकर लक्ष्य तय करते हैं। जायसवाल ने आज वही किया।” केएल राहुल के आउट होने के तरीके को लेकर उन्होंने कहा कि राहुल को जिस गेंद पर आउट होना पड़ा, वह पारी की पहली गेंद थी जो तेज़ी से स्पिन हुई और थोड़ा ज्यादा बाउंस भी किया। उन्होंने स्वीकार किया, “अब तक की सबसे धीमी गेंद थी और वही थोड़ा ज्यादा घूम गई।” कोटक ने पिच की भी तारीफ की और कहा कि यह बल्लेबाजी के लिए अच्छी विकेट है।
उन्होंने कहा, “हमने 2 विकेट पर 318 रन बनाए हैं, जो बताता है कि विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल है। घास न होने के कारण कुछ जगहों पर फुटमार्क हैं, जिससे गेंद थोड़ी मूव कर रही है, लेकिन कुल मिलाकर विकेट अच्छी है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि टीम इंडिया का इस पिच पर दो बार बल्लेबाजी करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, “हम कोशिश करेंगे कि दूसरे दिन टी तक बल्लेबाजी जारी रखें और फिर वेस्टइंडीज़ पर गेंद से दबाव बनाएं।” भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 318 रन बना लिए हैं और जायसवाल 173 रन पर नाबाद हैं। अब टीम की कोशिश पारी को विशाल स्कोर तक ले जाने की होगी।









