ननकीराम कंवर को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट , नहीं जाने दिया मुख्यमंत्री निवास

आज शनिवार सुबह जब ननकीराम कंवर धरना स्थल के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस फोर्स ने भवन को घेर लिया और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से आवश्यक बताया गया। मौके पर एडिशनल एसपी पटेल, रायपुर के एसडीएम, सिविल लाइन और आमानाका के सीएसपी सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। भाजपा के कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता ननकीराम कंवर को मनाने के लिए पहुंचे हुए हैं। इतना ही पूर्व गृहमंत्री के बेटे संदीप कंवर भी अपने पिता को मनाने के लिए पहुंचे हैं ।

ज्ञात हो कि पूर्व गृहमंत्री कंवर ने कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के खिलाफ 14 बिंदुओं पर शिकायत कर राज्य सरकार से उन्हें हटाने की मांग की थी। उन्होंने कोरबा कलेक्टर को नहीं हटाने पर 4 अक्टूबर से धरने पर बैठने की चेतावनी दी थी। इस बीच, राज्य शासन ने पूर्व मंत्री के शिकायती पत्र पर बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से जांच प्रतिवेदन मांगा है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, 3 अक्टूबर की रात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का फोन ननकीराम कंवर को गया था। मुख्यमंत्री ने उनसे अपील की थी कि वे धरना न दें क्योंकि सरकार इस मामले में कार्यवाही कर रही है। इस पर कंवर ने कहा कि,“अगर आप वाकई कार्यवाही कर रहे हैं, तो लिखित आदेश की प्रति भेजिए। बिना लिखित आदेश के मैं आपकी मौखिक बात नहीं मानूंगा और धरने पर जरूर बैठूंगा।”

कंवर को अब तक कोई लिखित सूचना नहीं दी गई, इसलिए वे धरना देने के लिए तैयार थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें गहोई भवन से निकलने नहीं दिया और वहीं हाउस अरेस्ट कर लिया। ननकीराम कंवर ने इसे सरकार की लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया।