अखबार विकास की दिशा नहीं, करता है समीक्षा : सरयू

इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता में विकासपरक रिपोर्टिंग का स्थान” विषय पर संगोष्ठी का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विकासपरक पत्रकारिता की दिशा, आवश्यकता और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन मिलानी हॉल में किया गया था।

लोकार्पण समारोह में विधायक सरयू राय, वरीय पत्रकार संजय मिश्रा, वरीय पत्रकार चंद्र भूषण सिंह, जय प्रकाश राय, राजेंद्र विद्यालय के उपाध्यक्ष एसके सिंह और जनता दल (यूनाइटेड) के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव उपस्थित थे।

मौके पर सरयू राय ने कहा कि अखबार के हर पन्ने में विकासपरक खबरें खोजना उचित नहीं, लेकिन यदि ध्यान से पढ़ा जाए तो लगभग हर अंक में विकास से जुड़ी खबरें मिलती हैं।

उन्होंने कहा कि समस्या और समाधान से जुड़ी रिपोर्ट भी विकासपरक पत्रकारिता का ही हिस्सा हैं, क्योंकि सूचना मिलने से ही समाधान और सुधार की दिशा बनती है। उन्होंने कहा कि पहले के दौर और आज के दौर में पत्रकारिता की शैली में बड़ा परिवर्तन आया है। तकनीकी और पाठकीय दृष्टिकोण दोनों बदल चुके हैं और इसी परिवर्तन का असर विकासपरक पत्रकारिता पर भी दिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी अखबार पूरी तरह निरपेक्ष होकर विकास की दिशा तय नहीं कर सकता, लेकिन उसकी समीक्षा अवश्य कर सकता है। सरयू राय ने अपने पत्रकारिता के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनसे बजट की तकनीकी बारीकियों पर लिखने को कहा जाता था ताकि आम पाठक वित्तीय विषयों को भी समझ सके।