आईवीआरआई में किसान मेला, वैज्ञानिकों से पाई तकनीकी जानकारी
मेले का उद्घाटन अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष श्रुति गंगवार ने किया। उन्होंने कहा कि किसान और कृषि देश की आत्मा हैं। जब तक कृषि और पशुपालन समृद्ध नहीं होंगे, तब तक विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिकों से समस्याएं साझा करें और अनुसंधान आधारित तकनीकों को अपनाएं।
संस्थान निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि ऐसे मेले किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद का बेहतर अवसर होते हैं। यहां किसानों को पशुपालन की नवीन तकनीकों के साथ-साथ केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि 3 से 18 अक्टूबर तक ‘विकसित संकल्प कृषि अभियान’ के तहत वैज्ञानिक रामपुर, बरेली और बदायूं जिलों में जाकर किसानों को जागरूक करेंगे।
संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी ने कहा कि पशु स्वास्थ्य, नस्ल प्रबंधन, परजीवी रोगों की रोकथाम, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाना संस्थान का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप, यूट्यूब और पॉडकास्ट जैसे माध्यमों से भी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
मेले में वैज्ञानिक डॉ. हीरा राम, डॉ. हरिओम पांडे और डॉ. के. महेन्द्रन ने पशुओं की नस्ल सुधार और बीमारियों की रोकथाम पर जानकारी दी। किसानों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिए गए। मेले की सफलता में डॉ. एच.आर. मीना, डॉ. महेश चंद्र, डॉ. विश्वबंधु चतुर्वेदी, डॉ. नेहा, आर.एल. सागर और डॉ. शार्दूल का विशेष योगदान रहा।









