कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, ग्राम मांदर में लगाई जनचौपाल
इस दौरान उन्होंने बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लिया और प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तेज करने और पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ग्राम मांदर पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनचौपाल आयोजित लगाकर यहां ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने राहत कार्यों की प्रगति, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के बारे में जानकारी ली।
ग्राम मांदर के जन चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। विशेष रूप से, जिन परिवारों के गैस सिलेंडर बाढ़ में बह गए थे, उनकी सूची तैयार कर नए सिलेंडर उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए। साथ ही, बिजली आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने, विद्युत फॉल्ट की जांच और मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश जारी किए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत क्षतिग्रस्त शौचालयों के बदले नए शौचालयों की स्वीकृति देने के लिए कलेक्टर ने कहा। क्रेडा विभाग को सौर सुजला योजना के तहत प्रभावित सोलर पंपों का सर्वेक्षण कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जो परिवार नई जगह पर विस्थापित होना चाहते हैं, उनके लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों के साथ संभावित भूमि का निरीक्षण भी किया।
कलेक्टर ने मांदर गांव का भ्रमण कर क्षति का बारीकी से आकलन किया। इस मौके पर प्रभावितों को कंबल और मच्छरदानियां वितरित की गईं, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके। मछली पालन करने वाले ग्रामीणों को मत्स्य बीज उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। इसके अलावा, कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के क्षतिग्रस्त पुलों का निरीक्षण किया और उनकी शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए। ग्राम नेगानार और ग्राम खुटियागुडा (ग्राम पंचायत एरमूर) में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बने पुलों की स्थिति का जायजा लिया गया, जहां मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित सभी क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटाया जा सके।
इस अवसर पर अनुविभागीय दंडाधिकारी नीतेश वर्मा, तहसीलदार कैलाश पोयाम सहित लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत आदि विभागों के अधिकारी कर्मचारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।









