कपड़ों की सिलाई बिगाड़ी, टेलर पर लगाया दस हजार रुपए का हर्जाना
परिवाद में अधिवक्ता हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि 11 अगस्त 2021 को परिवादी ने शर्ट व दो पेंट का कपडा विपक्षी को सिलाई के लिए दिया था। टेलर ने पन्द्रह सौ रुपए सिलाई तय की और 22 अगस्त तक डिलीवरी देने को कहा। परिवादी 14 अगस्त को कपड़ों की ट्रायल के लिए गया तो वह ढीले थे और उनकी फिटिंग सही नहीं थी। विपक्षी ने उसे कहा कि वह इन्हें सही कर देगा, लेकिन परिवादी जब सिले कपड़े लेने गया तो वह खराब ही थे। इसलिए उसे विपक्षी से हर्जा-खर्चा सहित कपड़ों की कीमत दिलवाई जाए। इसके जवाब में विपक्षी टेलर ने कहा कि परिवादी 14 अगस्त को ट्रायल के लिए नहीं आया था। वह अपनी सुविधानुसार 28 अगस्त को ट्रायल के लिए आया और 30 अगस्त को डिलीवरी ले गया। कपड़ों की सिलाई 1560 रुपए थी। इसमें से साठ रुपए छूट देते हुए पन्द्रह सौ रुपए ऑनलाइन भुगतान लिया गया। उसने कोई सेवा दोष नहीं किया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के आयोग ने टेलर पर हर्जाना लगाया है।









