जींद : भाजपा सरकार ने विमुक्त घुमंतू जातियों को दिया जीने का अधिकार : सुनील

वास्तव में घुमंतू समाज सांस्कृतिक योद्धा हैं। अंग्रेजी सरकार ने इन जातियों के खिलाफ 12 अक्टूबर 1871 को महाराष्ट्र के गोबिंद डूम पर पहली बार क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लगा दिया था। जिसका अर्थ था कि ये जातियां जन्म से ही अपराधी हैं। विडंबना ये रही कि भारत की आजादी के पांच साल 16 दिन बाद 31 अगस्त 1952 में इस एक्ट से विमुक्त किया गया। तब से यह दिन विमुक्ति दिवस के रूप में पूरे भारत में मनाया जाता है।

अनेक लोगों के नेतृत्व में इस एक्ट को खत्म करने के लिए संघर्ष किए गए। परंतु विमुक्त घुमंतू जनजाति कल्याण संघ ने समाज में जनजागरण करते हुए सरकार का इस ओर ध्यान दिलाया और 2015 में मनोहरलाल के नेतृत्व की हरियाणा सरकार ने इस एक्ट को समाप्त कर हरियाणा को देश का पहला राज्य बनाया। जहां से हैबिट्यूल ऑफेंडर एक्ट को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया। इस मौके पर राजेश कुमार, राजेश हेड़ी, डा. राजेश शाहपुर, विजय, गुलशन ग्रोवर, प्रकाश, दर्शन लाल, मिर्चू, शिवल, नानक आदि मौजूद रहे।