विवि विधेयक बिल पर छात्रों को किया जा रहा गुमराह : तनुज
डॉ तनुज ने बताया कि विधेयक के सेक्शन 75 में स्पष्ट प्रावधान है कि छात्र संघ के अध्यक्ष और सचिव का चुनाव केवल नियमित छात्र ही करेंगे। यह पहले की तरह ही प्रक्रिया है। लेकिन इस बार हेमंत सरकार ने ऐतिहासिक पहल करते हुए दो नए प्रावधान जोड़े हैं। एक महिला प्रतिनिधि का चुनाव अनिवार्य होगा और एक प्रतिनिधि एसटी, एससी, पीवीटीजी या ओबीसी वर्ग से अनिवार्य रूप से चुना जाएगा। इसे उन्होंने सामाजिक न्याय और समावेशिता की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा का असली डर छात्र संघ चुनाव नहीं, बल्कि राजभवन की शक्तियों में कमी और विश्वविद्यालयों पर राज्य सरकार का अधिकार स्थापित होना है। झारखंड के छात्रों और युवाओं ने 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को नकार दिया था। अब भी वे गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छात्र सच को अच्छी तरह समझते हैं।









