थराली तहसील परिसर के पीछे भू-स्खलन से मची अफरातफरी

घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट, कर्णप्रयाग के उप जिलाधिकारी सोहन सिंह रांगड, थानाध्यक्ष पंकज कुमार पुलिस बल, डीडीआरएफ आदि फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। विगत दिनों की बड़ी आपदा से वैसे ही यहां लोग दहशत में हैं और सोमवार को अचानक इसकी पुनरावृत्ति होने से चारों ओर से लोग तहसील कार्यालय राडीबगड की ओर दोड पड़े। खतरे को देखते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय के सभी कागजात, फर्नीचर, इलैक्ट्रोनिक सिस्टम आदि सभी को आनन-फानन कार्यालय से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।

उप जिलाधिकारी थराली पंकज भट्ट और सोहन सिंह रांगड भी स्वयं सामान उठाकर को कार्यालय को खाली करने और सामनों को शिफ्ट करने में जुटे रहे।गौरतलब है कि 22 अगस्त की रात को थराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना हुई थी। इससे चैपडों बाजार, थराली बाजार, राडीबगड और सगवाडा तथा ज्यूडा गांव में लोगों के आवासीय भवनों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, वाहनों और पशुओं को बड़ी हानि पहुंची थी। सागवाड़ा गांव में मकान बहनें से एक युवती की मलवे में दब कर मौत हो गई थी जबकि चेपडों में सैलाब की जद में आए गंगा दत्त जोशी की अभी भी खोजबीन जारी है।

उप जिलाधिकारी ने बताया कि तहसील परिसर, थराली और राड़ीबगड़ क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बने हुए है। इसको देखते हुए सभी को आपदा राहत शिविर राजकीय पालीटेक्निक कालेज कुलसारी में भेजा जा रहा है। बताया कि कुलसारी के राहत शिविर में पहले से ही 29 परिवारों को रखा गया है। जिन्हें हर मुमकिन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल तहसील और उपजिलाधिकारी कार्यालय को कुलसारी में सतलुज कैंपस में संचालित किया जाएगा।

नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत ने कहा कि राड़ीबगड़ असुरक्षित लग रह है। यहां से सभी को आपदा राहत शिविर कुलसारी में भेजा जा रहा है और सभी प्रभावित परिवारों को हर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नगर पंचायत लोगों की सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है।