पुनीत अग्रवाल ने लगाई उच्च न्यायालय से जमानत की गुहार

सात अगस्त को रांची सीआईडी की विशेष अदालत ने पुनीत अग्रवाल को जमानत देने से इनकार करते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

पुनीत अग्रवाल को सीआईडी ने पिछले महीने गिरफ्तार किया था। पुनीत, वीर अग्रवाल और विमल अग्रवाल पर आरोप है कि राजवीर कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से तेतुलिया मौजा के उस वनभूमि के लिए उमायुष कंपनी को तीन करोड़ चालीस लाख रुपए उक्त जमीन के एवज में भुगतान किया था।

आरोपों के मुताबिक, बोकारो के तेतुलिया में 100 एकड़ से ज्यादा वन भूमि को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया गया। इसमें भू-माफिया, अंचल कर्मी और बोकारो स्टील प्लांट के अफसरों की मिली भगत है। यह वो जमीन है, जिसे बोकारो स्टील प्लांट की ओर से वन विभाग को वापस लौटाया गया है। सीआईडी बोकारो के सेक्टर-12 थाना में दर्ज कांड संख्या 32/2024 को टेकओवर कर अपनी जांच शुरू कर चुकी है। इस मामले में ईडी भी जांच कर रही है।