दो सप्ताह से पूर्व वाश आउट हुआ गंगोत्री हाईवे नहीं हुआ बहाल

गौरतलब है कि 5 अगस्त को खीरगंगा में आई विनाशकारी बाढ़ ने धराली हर्षिल में तो तबाही मचाई इसके साथ गंगोत्री धाम व भारत चीन सीमा की सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण गंगोत्री हाईवे को भी भारी क्षति पहुंची है।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भटवाड़ी चडेथी से एक किलोमीटर आगे सालग मोटर पुल से आगे लगभग 50 मीटर सड़क भूध्वसाव हो रही है जो बीआरओ के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है अगर बारिश का दौर जारी रहा तो फिर आगे ऐसे ही रही तो गंगोत्री हाईवे की हालात और खराब हो सकती है।

हालत यह है कि भटवाड़ी-चड़ेती के बीच भी भूस्खलन से भी गंगोत्री हाईवे बंद है। यहां भूस्खलन के चलते हाईवे पर दलदल की स्थिति बन गई है। दोपहिया वाहन किसी तरह जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। वहीं, पापड़गाड से आगे भी हाईवे पर दरारें पड़ने व भूघंसाव की सूचना है, जिससे भटवाड़ी से गंगनानी के बीच गंगोत्री हाईवे पर फिर संकट उत्पन्न हो गया।

उधर डबरानी में बीआरओ के लिए सड़क मार्ग बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रही। डबरानी में भागीरथी के तेज बहाव के कारण बीआरओ द्वारा पहाड़ी की कोटिंग पैदल आने जाने वाले मुसाफिरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। मंगलवार को पैदल चल रहें दो स्थानीय ग्रामीणों के पत्थरों के चपेट में आने की सूचना है।