राज्य आंदोलन के चर्चित रामपुर तिराहा कांड के मामले में उप्र सरकार को जवाब दा​​खिल करने के निर्देश

न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार राज्य आंदोलनकारी के अधिवक्ता रमन शाह ने बताया कि इस मामले में सात महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ था जबकि 17 अन्य को प्रताड़ित किया गया था। मामले में मुख्य आरोपित मुजफरनगर के तत्कालीन जिलाधिकारी अनंत कुमार सिंह तथा सात अन्य आरोपितों के मामले सीबीआई की ओर से मुजफरनगर कोर्ट को स्थानांतरित कर दिए गए थे इनकी सुनवाई अभी तक लंबित है। राज्य आंदोलनकारियों की सुप्रीम कोर्ट में अपील पर मामला नैनीताल उच्च न्यायालय स्थानांतरित कर दिया गया था। मामले के अनुसार 2 अक्टूबर 1994 को पृथक राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शन के लिए दिल्ली को जा रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में पुलिस की ओर से भारी अत्याचार किए गए। इस दौरान महिला आंदोलनकारियों के साथ दुष्कर्म किया गया और सात आंदोलनकारियों की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। अनंत कुमार पर राज्यपाल की ओर से मुकदमे की अनुमति न मिलने से उन्हें छूट मिल गई। सीबीआई ने मुकदमों में मामलों में हत्याएं घातक हथियारों व फायरिंग से गंभीर चोट पहुंचाने आदि धाराओं में मामले दर्ज किए। इस मामले में सुनवाई विभिन्न कारणों से लंबित ही रही।