न्यायिक कर्मचारियों का सामूहिक अवकाश जारी

कर्मचारी संघ के संरक्षक बद्रीलाल चौधरी ने बताया कि हमारे आंदोलन को कई वकील संगठनों का समर्थन मिला है। जब तक कैडर पुनर्गठन को लेकर चल रही हमारी मांग पूरी नहीं होती, हम सामूहिक अवकाश जारी रखेंगे। हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने दो साल पहले कैडर पुनर्गठन को लेकर राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन राज्य सरकार अभी तक उस पर निर्णय नहीं कर पाई है। जबकि दूसरी ओर राज्य कर्मचारियों का कैडर पुनर्गठन पूर्व में ही किया जा चुका है। इसके अभाव में न्यायिक कर्मचारियों को हर माह हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ पदोन्नति भी समय पर नहीं हो पा रही है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बीते गुरुवार को एक आपराधिक याचिका में सुनवाई के दौरान कर्मचारियों के इस सामूहिक अवकाश को अवैध बताते हुए उन्हें तुरंत काम पर लौटने को कहा था। ऐसा नहीं करने पर अदालत ने कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई करने के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सूचना सहायकों और होमगार्ड को लगाने के भी आदेश दिए थे।