बिजली विभाग की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
सभा में ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2015-16 में किताहातु गांव से जोड़कर इन तीनों गांवों तक बिजली लाइन पहुंचाने का कार्य किया गया था, जिसे ठेकेदार बिजू और विश्वा के माध्यम से पूरा कराया गया। इस दौरान लाभुकों से आधार कार्ड, राशन कार्ड और बीपीएल प्रमाण पत्र जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा कराए गए थे। बावजूद इसके, आज तक न तो मीटर मिला, न बिलिंग की कोई व्यवस्था की गई है, जिसके कारण ग्रामीणों को केवल प्रतीक्षा और भ्रम का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में हाटगम्हरिया के बिजली विभाग के एसडीओ से कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया गया। अब तक न तो किसी तरह की जांच शुरू हुई है और न ही कोई समाधान सामने आया है।
सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी हो समाज युवा महासभा के जिला धर्म सचिव एवं पंचायत समिति सदस्य बुकुल सिंकू ने कहा कि यह बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही है। उन्होंने घोषणा किया कि इस मामले की शिकायत राज्य के मंत्री दीपक बिरूवा और पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त से की जाएगी। साथ ही चेतावनी दिया कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण विभाग में ताला लगाकर उग्र आंदोलन करेंगे।
सभा में देवझरी से मुरली सिंकू, नोंगड़ा से जुन्डिया सिंकू, जिकीलता से टुपरा सिंकू, बुधराम सिंकू, बिंदराय सिंकू, जमादार तोपनो समेत तीनों गांवों के पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और दर्जनों लाभुक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने मांग किया कि बिजली विभाग जल्द से जल्द मीटर, कंज्यूमर नंबर और नियमित बिलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि गांवों को वास्तविक अर्थों में बिजली सुविधा का लाभ मिल सके।









