कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचारियों को दे रही इनाम : बिक्रम ठाकुर
ठाकुर ने बताया कि इस घोटाले को उन्होंने मार्च में विधानसभा में सबसे पहले उजागर किया था। उन्होंने कहा कि जहां गुजरात में 35 मेगावाट का सौर प्लांट 144 करोड़ रुपये में बना, वहीं हिमाचल में 32 मेगावाट की परियोजना पर 220 करोड़ की लागत दिखाना बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया को नजरअंदाज कर मनपसंद कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए काम नामांकन के आधार पर दिए गए और डीपीआर बार-बार संशोधित की गई।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि इन अनियमितताओं को उजागर करने वाले मुख्य अभियंता विमल नेगी की 18 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में गोविंद सागर झील में मौत हो गई। परिजनों ने अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं, उनमें से एक को फिर से मुख्य अभियंता पद पर तैनात करना क्या भ्रष्टाचार को इनाम देना नहीं है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्रभावी पैरवी नहीं की और सीबीआई जांच भी अदालत के हस्तक्षेप के बाद ही शुरू हुई।
उन्होंने कहा कि आज विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने जो सवाल उठाए हैं, वे केवल एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के हैं।









