बरसात में होने वाली बीमारियों के खिलाफ चल रहा है देशव्यापी सफाई अभियान

मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत पटना नगर निगम ने इस अभियान में एक पहल करते हुए ‘मैनहोल एम्बुलेंस’ शुरूआत की है। ये एम्बुलेंस निगम के पुराने वाहनों को ठीक करके तैयार की गई है। इनमें मैनहोल ढंकने और मरम्मत करने के लिए जरूरी सामान और एक टीम मौजूद रहती है। बारिश के समय अगर कोई मैनहोल खुला हो या टूट गया हो, तो यह एम्बुलेंस तुरंत मौके पर जाकर मरम्मत करती है। फिलहाल पटना में ऐसी छह एम्बुलेंस काम कर रही हैं, जो शिकायत मिलते ही तुरंत पहुंच जाती हैं।

दिल्ली नगर निगम ने भी इस अभियान के तहत कई काम किए हैं। दक्षिणी दिल्ली में 400 एनसीसी लड़कियों ने मिलकर ‘पिंकथॉन’ नाम की एक वॉकथॉन निकाली। इसमें बच्चों को स्कूलों में हाथ धोने के सही तरीके सिखाए गए। कई गलियों और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई की गई। वहीं संसद भवन और दूसरी जगहों पर मच्छर भगाने के लिए फॉगिंग भी की गई और नालियों की सफाई कराई गई ताकि पानी न भरे।

नवी मुंबई में भी स्वच्छता रैली निकाली गई जिसमें छात्र, माता-पिता और स्थानीय लोग शामिल हुए। यहां मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए 26 स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लिया। सफाईकर्मियों ने शहर के कई हिस्सों में सफाई अभियान चलाया।

तेलंगाना में घर-घर जाकर लोगों को बताया गया कि गीला और सूखा कचरा अलग कैसे करें। यहां की नालियों की सफाई की गई, सड़कों के किनारे झाड़ियां हटाई गईं और लगभग दो लाख घरों को सैनिटाइज किया गया। 500 से ज्यादा पानी की टंकियों को भी साफ किया गया ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके।

छत्तीसगढ़ के पंडरिया और रायपुर में भी यह अभियान चल रहा है। महिलाओं को साफ-सफाई के तरीके सिखाए जा रहे हैं, मोबाइल ऐप से जोड़ा जा रहा है और बच्चों को हाथ की सफाई और कचरे के सही निपटान के बारे में जानकारी दी जा रही है।