वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे विशेष: ब्रेन ट्यूमर से आवाज खो बैठे राय सिंह को मिला नया जीवन
वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे विशेष: ब्रेन ट्यूमर से आवाज खो बैठे राय सिंह को मिला नया जीवन
जयपुर, 7 जून (हि.स.)। झालावाड़ निवासी 59 वर्षीय राय सिंह कुछ समय से अचानक बोलने में दिक्कत का सामना कर रहे थे। वे शब्दों को ठीक से बोल नहीं पा रहे थे। जब स्थिति बिगड़ने लगी तो उन्होंने डॉक्टर को दिखाया। एमआरआई स्कैन में उनके मस्तिष्क के बाएं हिस्से में बड़े ट्यूमर की पहचान हुई। इस जटिल ट्यूमर की सफल सर्जरी भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर जयपुर के न्यूरो ऑनकोसर्जन डॉ दीपक वंगानी ने और उनकी टीम की ओर से कर 5 गुणा 5 सेंटीमीटर बडा ट्यूमर हटाकर मरीज को जीवनदान दिया है।
डॉ दीपक वंगानी ने बताया कि मस्तिष्क के बाएं हिस्से में ट्यूमर की सर्जरी बहुत जटिल होती है। क्योंकि सर्जरी में किसी भी छोटी नर्व के प्रभावित होने पर रोगी के बोलने और समझने की क्षमता, शरीर के दाहिने हिस्से का कंट्रोल, सोचने-समझने और निर्णय लेने जैसी क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड सकता है। ऐसे महत्वपूर्ण हिस्से में बड़े ट्यूमर को निकालना अपने आप चुनौतीपूर्ण है। ऑपरेशन के दो दिन पश्चात ही रोगी की ना सिर्फ आवाज सामान्य होने लगी, बल्कि उसके शरीर का संतुलन एवं सोचने-समझने की क्षमता भी पूर्णतः स्वस्थ व्यक्ति के समान हो गई।
डॉ. दीपक वंगानी ने बताया कि भारत में हर साल लगभग 40 हजार से 50 हजार नए ब्रेन ट्यूमर के मामले सामने आते हैं। इनमें लगभग 60 फीसदी प्राइमरी ट्यूमर होते हैं, जो मस्तिष्क में ही उत्पन्न होते हैं, जबकि 40 फीसदी सेकेंडरी ट्यूमर होते हैं, जो शरीर के अन्य हिस्सों से मस्तिष्क में फैलते हैं। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और आधुनिक न्यूरो सर्जरी द्वारा इलाज से न केवल मरीज की जान बचाई जा सकती है, बल्कि उसकी जीवन गुणवत्ता भी बेहतर की जा सकती है। समाज में ब्रेन ट्यूमर को लेकर जागरूकता फैलाना बेहद ज़रूरी है।
इन लक्षणों के प्रति रहे जागरूक
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ नरेश जाखोटिया ने बताया कि तेज या लगातार रहने वाला सिरदर्द, चलने में परेशानी, तालमेल में समस्या, मांसपेशियों में कमज़ोरी, रह-रहकर परेशानी होना, शरीर के एक तरफ़ कमज़ोरी, या हाथों और पैरों की कमज़ोरी, चक्कर आना, उल्टी या मतली आना, चुभन महसूस करना या स्पर्श कम महसूस होना, ठीक से बोलने और समझने में परेशानी या सुध-बुध खोना, दौरे पड़ना, धुंधला दिखना, बेहोषी आना, बोलने में कठिनाई या व्यक्तित्व में बदलाव। यह सभी लक्षण ब्रेन ट्यूमर से जुड़े है। इन लक्षणों को नजर अंदाज करने की बजाय इनके होने पर तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए।
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