ऑपरेशन सिंदूर पर फिल्म: स्क्रिप्ट पर विक्की-अक्षय की टक्कर, ट्विंकल ने लगाई क्लास!

भारतीय सेना द्वारा 7 मई को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत देशभर में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद, 9 मई को निकी-विकी भगनानी फिल्म्स ने इस ऑपरेशन पर एक फिल्म बनाने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद बॉलीवुड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिल्म बनाने के लिए जंग छिड़ गई है। ऐसी ख़बरें सामने आई हैं कि सिर्फ दो दिनों में ही 50 से अधिक फिल्मी सितारों ने इस टाइटल की दौड़ में भाग लिया। इस बीच यह भी चर्चा में है कि अभिनेता अक्षय कुमार और विक्की कौशल इस विषय पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने इस विवाद की चर्चा करते हुए बताया कि उन्हें इस झगड़े की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली। ट्विंकल ने टाइम्स ऑफ इंडिया में अपने कॉलम में कहा कि उन्हें कई ट्वीट नजर आए, जिनमें कहा गया था कि अक्षय और विक्की “ऑपरेशन सिंदूर” पर फिल्म बनाने को लेकर विवाद में हैं। इस पर ट्विंकल ने अक्षय को फोन करके पूछा कि क्या वह सच में विक्की कौशल से इस मुद्दे पर लड़ रहे हैं। अक्षय ने इसे झूठा बताते हुए फोन काट दिया। उन्होंने कहा कि उनके पैर में चोट लगी है और वह बाद में बात करेंगे।

ट्विंकल को यह सुनकर लगा कि यह अक्षय का बहाना है, लेकिन जब अक्षय घर लौटे और उन्होंने देखा कि वास्तव में उनके पैर पर पट्टी बंधी थी, तब उन्हें यकीन हुआ कि अक्षय सच बोल रहे थे। दरअसल, फिल्म के एक फायरिंग सीन के दौरान अक्षय को एक छोटे से हादसे का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण उन्हें चोट आई थी। ट्विंकल ने इस अनुभव को साझा करते हुए कहा कि अब उन्हें समझना बहुत मुश्किल हो गया है कि सच और झूठ के बीच का फर्क क्या है। ऐसे में वह हर चीज को शक की नजर से देखने लगी हैं।

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के विषय में बात करें, तो इसकी शुरुआत 7 मई को हुई थी, और उसके दो दिन बाद, 9 मई को निक्की-विकी भगनानी फिल्म्स ने इस पर फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का निर्माण जैकी भगनानी के चचेरे भाई विकी भगनानी कर रहे हैं, और इसका निर्देशन उत्तम महेश्वरी और नितिन कुमार गुप्ता द्वारा किया जाएगा। इस ऐलान के साथ-साथ एक पोस्टर भी जारी किया गया, जिसमें एक महिला सिपाही वर्दी में अपने माथे पर सिंदूर लगाते हुए नजर आ रही है, और उसके पीछे युद्ध का पृष्ठभूमि दिखायी गई है।

पोस्टर के रिलीज होते ही मेडिकल और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई यूजर्स ने मेकर्स को आड़े हाथों लिया, जिसके परिणामस्वरूप फिल्म के निर्माताओं को माफी मांगनी पड़ी। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भारत के फिल्म उद्योग में राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता कितनी महत्वपूर्ण है। ऐसे में देश की सच्ची कहानियों को पर्दे पर पेश करते समय बनाई गई संवेदनशीलता का ध्यान रखना आवश्यक है।