तुर्किये द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन देने पर सेलेबी की याचिका सुनेगा दिल्ली हाईकोर्ट!

भारत सरकार ने 15 मई 2023 को सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सुरक्षा मंजूरी देने वाले आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। यह निर्णय Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) द्वारा लिया गया और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। तुर्की की यह कंपनी अब भारतीय एयरपोर्टों पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान नहीं कर सकेगी, क्योंकि इसे सुरक्षा क्लियरेंस नहीं दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, सेलेबी और सेलेबी दिल्ली कार्गो टर्मिनल मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 16 मई को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इस मामले में जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच सुनवाई करेगी।

सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज का संबंध तुर्की में स्थित सेलेबी ग्रुप से है, और यह कंपनी मुंबई, दिल्ली, कोच्चि, कन्नूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख भारतीय एयरपोर्ट्स में सेवाएं प्रदान कर रही थी। वर्तमान में, भारत में सरकार द्वारा अजरबैजान, चीन और तुर्की की कंपनियों के खिलाफ उठाए गए कदमों के बीच, इस कंपनी की गतिविधियां भी सवालों के घेरे में हैं। तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन प्रदान किए थे, जिनका उपयोग भारत के खिलाफ किया गया था, जिससे कंपनी पर निगरानी बढ़ गई है।

सेलेबी ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि BCAS द्वारा सुरक्षा मंजूरी रद्द करने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया और इसे बिना पूर्व सूचना के लागू किया गया है। कंपनी का कहना है कि इस कदम का नकारात्मक प्रभाव लगभग 3,791 नौकरियों और निवेशकों के विश्वास पर पड़ेगा। सेलेबी का इतिहास 15 साल से अधिक पुराना है और यह कंपनी ग्राउंड हैंडलिंग क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में जानी जाती है। कंपनी ने भारत में 220 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है और 10,000 से अधिक भारतीयों के लिए रोजगार सृजित किया है।

सेलेबी एयरवेज का इरादा है कि वे खुद को तुर्की का संगठन नहीं मानते और पूरी पारदर्शिता के साथ काम करते हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका किसी भी सरकार या विदेशी व्यक्तियों के साथ कोई राजनीतिक संबंध नहीं है। सेलेबी के साथ-साथ, भारत के विभिन्न राज्यों में तुर्की की कंपनियों के द्वारा कई निर्माण और तकनीकी परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन ने इन कंपनियों की समीक्षा शुरू कर दी है और यदि देश के राष्ट्रीय हित प्रभावित होते हैं, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

तुर्की के खिलाफ भारत में बढ़ते विरोध के बीच, व्यापार संगठनों ने भी तुर्की और अजरबैजान के साथ व्यापार संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने सीएआईटी की मीटिंग में यह घोषणा की है कि वे तुर्की के साथ व्यापार जारी नहीं रखेंगे। इस निर्णय से व्यापारिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर बड़ा असर पड़ सकता है।