अवैध शराब की पैकेट-बोतल में तस्करी, अमृतसर में अब तक 27 की मौत!
पंजाब के अमृतसर में हाल ही में जहरीली शराब के मामले में 27 लोगों की मृत्यु हो जाने के बावजूद, अवैध शराब की बिक्री में कोई कमी नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने खुद बाबा बकाला साहिब नामक स्थान पर अवैध शराब बेचने की गतिविधियों का पर्दाफाश किया है। इस दौरान उन्होंने लिफाफों और बोतलों के जरिए शराब लेकर आ रहे व्यक्तियों को पकड़कर उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। यह घटनाएं दस्तावेज करती हैं कि अमृतसर में अवैध शराब का कारोबार मजीठा क्षेत्र की तरह ही फल-फूल रहा है।
वीडियो में एक दिव्यांग व्यक्ति द्वारा शराब बेची जाने की पुष्टि होती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि वह मात्र 50 रुपये में एक थैली में शराब बेचता है। जब यह वीडियो वायरल हुए, तब जाकर अमृतसर पुलिस हरकत में आई और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पहले वीडियो में दो लोग साइकिल पर शराब ले जाते दिखाई दे रहे हैं। साइकिल चलाने वाला व्यक्ति यह बताता है कि वह टौंग गांव से आया है, जबकि दूसरे वीडियो में एक युवक रंगाई-पुताई का काम करने वाला है, जो भी इसी गांव से शराब ले जाने की बात करता है।
तीसरे वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति की गिरफ्तारी होती है, जिसके पास से शराब की बोतल बरामद की जाती है। उसने भी बताया कि यह शराब टौंग गांव से थी, लेकिन वह शराब खरीदने वाले व्यक्ति का नाम नहीं जानता। इस मामले में डीएसपी धर्मेंद्र कल्याण ने कहा कि वीडियो के सामने आने के बाद मौके पर कार्रवाई की गई और दो भट्टियाँ पकड़ी गईं, जिनमें अवैध शराब का निर्माण हो रहा था।
इसके अलावा, अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब कांड के बाद फिरोजपुर पुलिस ने भी सतलुज नदी के किनारे छापेमारी की। इस दौरान 23 भट्टियाँ, 6.44 लाख लीटर लाहन और 20 हजार लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई। पुलिस ने जब तलाशी की, तो उन्हें सतलुज नदी में पानी के भीतर, झाड़ियों के पीछे और घरों के चूल्हों में भी अवैध शराब छिपाई हुई मिली।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि अवैध शराब की बिक्री की समस्या पहले से अधिक व्यापक हो गई है, और आवश्यक है कि सरकार और पुलिस दोनों मिलकर इस पर कठोर कदम उठाएं। स्थानीय नागरिकों की जागरूकता और सक्रियता से ही ऐसे मामलों को उजागर किया जा रहा है, लेकिन स्थिति को स्थायी रूप से सुधारने के लिए एक संगठनात्मक दृष्टिकोण की जरूरत है। अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संक्रामक समस्या और भी भयावह रूप ले सकती है।









