बॉर्डर पर शांति के लिए भारत-पाक चर्चाएं: जवान घटेंगे, हमले रुकेंगे, लेकिन ड्रोन वापसी!

भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बाद, सोमवार, 12 मई को दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन डायरेक्टर जनरल (DGMO) के बीच पहली बार बातचीत हुई। भारतीय DGMO, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पाकिस्तान के DGMO, मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला के बीच यह संवाद शाम 5 बजे हॉटलाइन पर हुआ। भारतीय सेना द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष एक-दूसरे के साथ सीमा और अग्रिम क्षेत्रों में सैनिकों की संख्या कम करने और किसी भी प्रकार के हमले को रोकने पर सहमत हुए हैं। यह बातचीत 10 मई को दोपहर 3:35 पर हुई थी, जिसमें शाम पांच बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी। हालांकि, इसके महज तीन घंटे बाद पाकिस्तान ने भारत के चार राज्यों पर ड्रोन से हमला किया था।

इस बीच, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम को अपने संबोधन में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा की। इसके बाद, रात 9:30 बजे जम्मू-कश्मीर के सांबा में एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया, जिसे भारतीय वायु रक्षा बल ने मार गिराया। इसी दरम्यान, पंजाब के होशियारपुर में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे जिले में ब्लैकआउट कर दिया गया। जालंधर में भी ड्रोन की गतिविधियाँ देखी गईं। 11 और 12 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की विस्तृत जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि सेना ने 7 मई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया।

सीजफायर को लेकर पहली महत्वपूर्ण चर्चा 10 मई को हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान ने हमले रोकने के लिए सहमति जताई है। ट्रम्प के बयान के थोड़ी ही देर बाद, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें उन्होंने पुष्टि की कि दोनों देश अब एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे। लेकिन उसी दिन, पाकिस्तान ने भारत पर हमले शुरू कर दिए।

11 मई को, भारतीय सेना ने जानकारी दी कि पाकिस्तान के DGMO ने उन्हें कॉल किया था और बातचीत में यह तय किया गया था कि 7 बजे के बाद से कोई हमला नहीं होगा। हालांकि, इस सहमति के तुरंत बाद पाकिस्तान ने न केवल संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, बल्कि भारतीय क्षेत्रों में हमले भी किए। इस संदर्भ में, भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी संप्रभुता पर हमला किया गया तो वे निर्णायक जवाब देंगे।

12 मई को एक बार फिर भारतीय सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें बताया गया कि उनकी लड़ाई आतंकवादियों से है, ना कि पाकिस्तानी सेना से। एयर मार्शल भारती ने कहा कि उनके द्वारा उपयोग किए गए हथियारों में चीनी मूल की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली द्वारा नष्ट कर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने 51 घंटे के बाद सीजफायर की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ की गई कार्रवाई केवल स्थगित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने अपनी कार्रवाई किसी भी तरह से रोकी नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के रवैये के आधार पर आगे की रणनीति निर्धारित करेंगे। ट्रम्प ने भी इस स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को रोका है। उनकी इस भूमिका के चलते दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर उम्मीद की किरण जगी है।