32 अफसर होंगे IAS-IPS, प्रमोशन के बावजूद 45 पद खाली, अतिरिक्त प्रभार में राहत!

राजस्थान सरकार, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की कमी का सामना कर रही है, को जल्द ही 32 नए IAS-IPS अधिकारियों की भर्ती की उम्मीद है। इनमें से 19 अधिकारी राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) से होंगे, जबकि 8 अन्य सेवा के अधिकारी IAS के रूप में पदोन्नत किए जाएंगे। इसके अलावा, राजस्थान पुलिस सेवा (RPS) से 5 अधिकारी IPS के रूप में चुने जाएंगे। हालाँकि, यह सुनिश्चित नहीं है कि नई भर्ती के बाद भी 45 IAS पद खाली रहेंगे। नए अधिकारियों की नियुक्ति से, अतिरिक्त चार्ज के बोझ तले दबे अधिकारियों को राहत मिलेगी, क्योंकि वर्तमान में 46 IAS अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस साल के लिए, राजस्थान प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का IAS में प्रमोशन प्रस्तावित है, जिसके लिए प्रदेश के कार्मिक विभाग ने 2024 की रिक्तियों के सापेक्ष 57 नामों की एक लिपि केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेजी है। इस लिस्ट में से 19 पदों के लिए मई में इंटरव्यू आयोजित किए जाने की संभावना है, और पूरी प्रक्रिया जून महीने के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। आरएएस अधिकारियों का चयन मुख्य रूप से उनकी कार्यप्रदर्शन की रिपोर्ट (ACR) के आधार पर किया जाएगा। पिछले वर्ष, 2023 में 11 आरएएस अधिकारियों को भी प्रमोट किया गया था।

रिपोर्ट में सामने आ रहा है कि 2023 के रिक्तियों के संबंध में वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में गठित समिति ने पहले ही 20 नाम फाइनल कर लिए हैं। यह जरूरी है कि इस सूची में से फाइनल चयन बोर्ड मीटिंग के दौरान किया जाएगा, जिसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है। इनमें से अधिकांश नाम विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों के हैं जैसे लेखा सेवा, परिवहन सेवा, सहकारिता सेवा, और आईटी एवं संचार सेवा। 2024 में भी इसी तरह के प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें कुल 20 नामों का फाइनल चयन किया जाएगा।

राजस्थान में IAS अधिकारियों की संख्या को बढ़ाने के बावजूद, 332 स्वीकृत पदों में से 287 पद भरे जाएंगे, जिससे 45 IAS पद रिक्त रह जाएंगे। वर्तमान में 268 IAS अधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें से 19 केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, यानि केवल 249 IAS ही देश के भीतर कार्यरत हैं। अधिकारियों की कमी के कारण कार्य का दबाव बढ़ रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में बाधाएँ आ रही हैं।

आगामी तीन वर्षों में, लगभग 78 IAS अधिकारियों के रिटायर होने की संभावना है, जबकि 20 IAS अगले तीन सालों में दिल्ली में रहेंगे। यह स्थिति आगामी वर्षो में प्रशासनिक तंत्र पर और अधिक प्रभाव डालेगी। वर्तमान में, मुख्य सचिव सहित 45 IAS अधिकारियों के पास अतिरिक्त चार्ज है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में और अधिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। राजस्थान की सरकार को इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकालना होगा, ताकि जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। समझौते के अनुसार, IAS अधिकारियों की संख्या को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को हर संभव प्रयास करना होगा।