कोटा से रावतभाटा जा रही कार बनी आग का गोला, सड़क पर जाम से अफरातफरी!

कोटा के रावतभाटा रोड पर एक दिल दहला देने वाला हादसा रात के समय हुआ, जब एक चलती डीजल कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। इस घटना के समय कार में दो व्यक्ति सवार थे। चालक वीरेंद्र सिंह ने जब देखा कि कार के डैशबोर्ड से धुंआ उठ रहा है, तो उन्होंने तत्क्षण गाड़ी रोकने का निर्णय लिया। इससे पहले कि वो कुछ समझ पाते, बोनट से आग की लपटें निकलने लगीं। सड़क से गुजर रहे अन्य लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची, तब तक कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी।

वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह और उनका साथी कोटा से रावतभाटा की ओर जा रहे थे। उन्होंने कहा कि वे कार में बैठकर केवल 15 से 20 किलोमीटर ही यात्रा कर चुके थे, और नारसिंह माता मंदिर के निकट पहुंचे थे। अचानक धुएं की सूचना से उन्होंने गाड़ी रोकी और जब बाहर निकले, तो देखा कि बोनट से आग निकलने लगी है। वीरेन्द्र इस घटना के पीछे संभावित कारण बताते हैं कि हो सकता है इंजन के आसपास कहीं शॉर्ट सर्किट हुआ हो। कुछ ही पल में आग पूरी कार में फैल गई और तब तक फायर ब्रिगेड पहुंची, जब सब कुछ जल चुका था।

चालक ने यह भी बताया कि यह कार एक 2016 मॉडल की डीजल वाहन है। उनकी यात्रा की शुरुआत कोटा से थोड़ी देर पहले हुई थी, और उन्होंने किसी अत्यधिक गर्मी या लंबे सफर का उल्लेख नहीं किया। उनका मानना है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट ही था। इस घटना ने एक बार फिर से यह जता दिया कि वाहन की नियमित जांच और देखभाल कितनी महत्वपूर्ण है।

इस दुर्घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चर्चाएँ भी शुरू कर दी हैं, क्योंकि ऐसे हादसे कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं। कई लोगों ने इस घटना पर चिंता जताई है और सुझाव दिया है कि कार के निरीक्षण और रखरखाव के प्रति सजग रहना चाहिए। साथ ही, जब भी वाहन में कोई अजीब चीजें महसूस हों, तो तुरंत सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि इस प्रकार के अप्रिय घटनाएं टाली जा सकें।

इस दुर्घटना ने सभी को यह याद दिलाया कि सड़क पर चलना हमेशा जोखिम भरा होता है और छोटे-छोटे संकेतों पर ध्यान देना आवश्यक है। वहीं, फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंच पाने पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। विद्युत और आग से संबंधित सुरक्षा मानकों का पालन करना प्रत्येक वाहन चालक का प्राथमिक दायित्व है।