पीटीई टेस्ट रद्द: परीक्षार्थियों की मेहनत और पैसे दोनों बेकार!

**भास्कर न्यूज | अमृतसर**: शुक्रवार की सुबह 8 बजे निर्धारित पीटीई परीक्षा में शामिल होने आए 10 परीक्षार्थियों को तकनीकी खामी के कारण परीक्षा नहीं देने दी गई, जिससे परीक्षा केंद्र को टेस्ट को रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा। इस घटना के बाद परीक्षार्थियों और परीक्षा केंद्र के समन्वयक के बीच मामला गर्मा गया, जहां उन्होंने केस ID को लेकर बहस की। विदेश में अध्ययन हेतु अंग्रेज़ी प्रवीणता के लिए पियरसन टेस्ट ऑफ इंग्लिश (PTE) परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आवश्यक है, जिनकी मातृ भाषा अंग्रेज़ी नहीं है और जो किसी अंग्रेज़ी बोलने वाले देश में अध्ययन करना चाहते हैं।

अमृतसर के माल रोड स्थित पीटीई परीक्षा केंद्र पर सुबह 8 बजे परीक्षार्थी उपस्थित थे। गांव नौशहरा से आए गुरजंट पन्नू अपनी पत्नी के साथ इस परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे। वहीं, मेहता रोड से संदीप सिंह और अमनप्रीत कौर ने बताया कि उन्होंने भी समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचकर अपने-अपने टेस्ट देने का प्रयास किया। लेकिन, तकनीकी खराबी की वजह से परीक्षा रद्द हो गई। परीक्षार्थियों का कहना है कि 15 से 16 हजार रुपये का यह टेस्ट है और उन्हें बिना किसी गलती के लौटाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर तकनीकी समस्या हुई है, तो इसके लिए विभाग जिम्मेदार है और उन्हें इसे सुधारना चाहिए।

इस दौरान, परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को बताया गया कि उन्हें ग्राहक सेवा पर संपर्क करने को कहा गया। जब उन्होंने वहां फोन किया, तो उन्हें केस ID की आवश्यकता बताई गई, जो उनके पास उपलब्ध नहीं थी। जबकि निर्देशानुसार, उन्हें विभाग से ID प्रदान नहीं की गई। परीक्षार्थियों के बीच यह बात बहस का विषय बन गई। परीक्षार्थी यह जानना चाहते थे कि वे बिना ID के अपना टेस्ट रीशेड्यूल कैसे कर सकते हैं, लेकिन उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था।

वहीं, कंपनी के निदेशक विक्रम खन्ना ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पीटीई परीक्षा के संबंध में उन्हें फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है कि आखिर परीक्षा रद्द क्यों हुई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाकी परीक्षार्थियों को ID प्रदान की जा चुकी थी। इस प्रकार, तकनीकी खामियों और उनकी वजह से हो रही परीक्षार्थियों की परेशानियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि एक ओर जहां छात्रों की मेहनत और समय की अहमियत होती है, वहीं दूसरी ओर किसी तकनीकी समस्या के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कैसे सुलझाता है और परीक्षार्थियों को क्या राहत प्रदान करता है।