क्या 15 मई तक 250-बेड कार्डियक टावर से हटे SMS हॉस्पिटल की भीड़?

राजस्थान सरकार ने जयपुर में प्रस्तावित कार्डियक टावर को 15 मई तक जनता के लिए शुरू करने की योजना बनाई है। नगरीय विकास और आवासन विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गलरिया ने इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आईपीडी टावर के निर्माण कार्य को इस वर्ष के अंत तक पूरा कर उसे भी आम जनता के लिए आरंभ करने की दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक समीक्षा बैठक में कार्डियक टावर और आईपीडी टावर की प्रगति पर चर्चा की गई।

बैठक में वैभव गलरिया ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्डियक टावर का निर्माण कार्य किसी भी परिस्थिति में 15 मई तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। कार्डियक टावर में 250 बेड की व्यवस्था होने से न केवल मरीजों को अधिक सहारा मिलेगा, बल्कि सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में बढ़ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों की संख्या में भी कमी आएगी। इससे सभी मरीजों को समय पर एवं प्रभावी उपचार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

गालरिया ने आईपीडी टावर के निर्माण को भी प्राथमिकता दी और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि मरीजों को उच्चतम स्तर की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस दिशा में कदम उठाते हुए, गालरिया ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों को आवश्यक निर्देश दिए कि वे अपने काम को समय पर पूरा करने के लिए तत्पर रहें।

बैठक के दौरान, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रधान डॉ. दीपक माहेश्वरी, और जेडीए के निदेशक डेवेंद्र गुप्ता समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर भी उपस्थित थे। यह बैठक यह सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी कि इन महत्वपूर्ण अस्पतालिक संरचनाओं का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके और आम जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

राजस्थान सरकार द्वारा की गई यह पहल न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी, बल्कि जयपुर के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित होगी। सभी अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से काम करने और किसी भी प्रकार की दिक्कतों का समाधान निकालने का निर्देश दिया गया है, ताकि आम जनता को आवश्यक उपचार समय पर मिल सके। इस प्रकार, राज्य सरकार की यह योजना लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।