गाजियाबाद में बहु ने ससुर को पीट-पीटकर मार डाला, टीवी की आवाज बढ़ाई

गाजियाबाद के गोविंदपुरम डी ब्लॉक से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शुक्रवार की रात 64 वर्षीय एक बुजुर्ग पाती सिंह की निर्ममता से हत्या कर दी गई। इस हत्या का आरोप उनकी बहू आरती पर लगा है, जिसे पुलिस ने घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। मृतक के सिर पर एक क्रिकेट बैट से वार किए गए थे, जिससे उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी और अंततः उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले की जांच में एसीपी कविनगर भी शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार, आरती ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर के कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध थे, और वह रात को अक्सर उन्हें घर में लाता था। पाती सिंह मूलतः सहारनपुर के निवासी थे और चार साल पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से रिटायर हुए थे। उनके बेटे जितेंद्र की कोरोना से मृत्यु चार साल पहले हुई थी, जिसके बाद आरती अपने दो बच्चों के साथ अपने ससुर के साथ उसी घर में रहने लगी थी।

घटना के दिन, आरती ने अपने बच्चों को कमरे में रहने के लिए कहा और टीवी की आवाज तेज कर दी, ताकि किसी प्रकार की चीत्कार सुनाई न दे। आरती ने पहले अपने ससुर के कपड़े उतारे और फिर क्रिकेट बैट से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया, जिससे कोई बाहर न आ सके। जब तक पाती सिंह की सांसें थमीं, तब तक आरती ने उन पर वार करते रहे। हत्या के बाद आरती अपने बच्चों के पास जाकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश करने लगी, लेकिन घटनास्थल पर रहने वाले किराएदार ने खून देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामले की गंभीरता का पता चला।

पुलिस ने आरती से प्रारंभिक पूछताछ की, जिसमें उसने शुरुआत में अवैध संबंधों का हवाला देते हुए मामला पलटा, यह आरोप लगाते हुए कि संभवतः उसकी हत्या किसी महिला ने की हो। हालांकि, जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरती ने हत्या को स्वीकार कर लिया और बताया कि उसके ससुर ने कई बार उसके साथ गलत हरकतें की थीं।

आरती के अनुसार, उसके ससुर ने उसे कई बार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते उसने हत्या की योजना बनाई। पुलिस यहां यह भी मान रही है कि पाती सिंह के नाम पर रिटायरमेंट का पैसा हो सकता है, जिसके चलते भी बहू ने गुस्से में आकर ऐसी क्रूर घटना को अंजाम दिया हो। यह मामला न केवल पारिवारिक विवाद का परिणाम है, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता को उजागर करता है।