जितेंद्र का दावा: फिल्ममेकिंग में ‘राइटिंग’ ही असली सबकुछ, बाकी सब फालतू!
पंचायत फेम अभिनेता जितेंद्र कुमार इन दिनों अपने नए म्यूजिक वीडियो ‘कह दो ना’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में रिलीज हुआ यह गाना उनके फैंस के बीच काफी पसंद किया जा रहा है। इस गाने में उनके साथ मनप्रीत कौर भी नजर आ रही हैं। इस अवसर पर जितेंद्र ने दैनिक भास्कर से बातचीत की, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने सफर और गाने की शूटिंग के अनुभव के बारे में कई दिलचस्प बातें साझा की।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार ‘कह दो ना’ गाना सुना, तो उन्हें नहीं पता था कि इसे किसने लिखा है। लेकिन रेखा भारद्वाज की आवाज ने उन्हें बहुत आकर्षित किया। उन्होंने यह भी बताया कि जब वे क्रिएटिव टीम से मिले, तो उन्होंने जिस प्रकार से ब्रीफ किया, वह उन्हें काफी पसंद आया। शूटिंग के दौरान, उन्होंने मस्ती और मजाक के साथ-साथ नए दोस्तों से भी मुलाकात की, जो उस अनुभव को और भी खास बना गया।
जब उनसे यह पूछा गया कि वे अपने पार्टनर्स में कौन सी विशेषताएं देखना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा कि उनके लिए रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। उन्हें लगता है कि संवाद हमेशा बना रहना चाहिए और खास मौकों पर अपने साथी को विशेष महसूस कराना आवश्यक है। इस प्रकार की बुनियादी चीजें उनके लिए तामझाम से कहीं ज्यादा मायने रखती हैं।
जितेंद्र ने अपने करियर के बारे में बात करते हुए कहा कि उनकी जर्नी काफी रोचक रही है। उन्होंने अच्छे अवसरों का लाभ उठाया और विभिन्न दिलचस्प किरदारों को निभाने का मौका मिला। वह अपनी उस यात्रा को सराहते हैं जिसमें वह कई अलग-अलग और अनूठे किरदारों का हिस्सा बने हैं। उन्होंने कहा कि वह आगे भी नई कहानियों और किरदारों से जुड़ना चाहते हैं जो दर्शकों ने पहले नहीं देखे हों।
फिल्म निर्माण में राइटिंग के महत्व को लेकर चर्चा करते हुए जतेंद्र ने कहा कि लेखन सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। वह मानते हैं कि अगर स्क्रिप्ट अच्छी है, तो बाकी चीजों का महत्व कम हो जाता है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि लेखक और निर्देशक की कल्पना बेहद आवश्यक होती है, और अब अभिनेता भी अच्छे लेखकों के साथ काम करने में रुचि रखते हैं, क्योंकि एक मजबूत स्क्रिप्ट से ही पूरी कहानी का निर्माण होता है।
इसके साथ ही, ओटीटी प्लेटफॉर्म की चर्चा करते हुए जितेंद्र ने कहा कि पिछले 7-8 सालों में कंटेंट में काफी बदलाव आया है। अब दर्शक रोमांटिक, थ्रिलर और फैंटेसी जैसे विभिन्न शैलियों का आनंद ले रहे हैं। ओटीटी ने फिल्म मेकर को स्वतंत्रता दी है, जिससे वे नए और प्रयोगात्मक कंटेंट बना सकते हैं। अंत में, उन्होंने यह भी बताया कि नकारात्मकता और असहमतियों से बचने के लिए खुलकर अपनी बातें साझा करनी चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए।









