35 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी: मार्च तक पूरा होगा ओडीएफ प्लस मॉडल!
**स्वच्छ भारत मिशन के तहत अमृतसर में जल आपूर्ति योजनाओं पर चर्चा**
अमृतसर: स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (चरण-2) के अंतर्गत जल आपूर्ति योजनाओं की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने अध्यक्षता की। इस बैठक में अधिकारियों ने जलापूर्ति योजनाओं के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी। डिप्टी कमिश्नर ने लक्ष्य निर्धारित किया कि ओडीएफ प्लस मॉडल को 31 मार्च 2025 तक पूरा किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने बंद पड़े 60 सामुदायिक जल शोधन संयंत्रों को चालू करने के लिए 15वें वित्त आयोग से आवश्यक धनराशि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
साक्षी साहनी ने आगे कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चल रही परियोजनाओं की रोजाना निगरानी करें और उन्हें प्रगति की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके तहत बीडीपीओ को प्रत्येक दिन विकास कार्यों की स्थिति की रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर, उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन की गतिविधियों की जन जागरूकता हेतु स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवकों, और गैर सरकारी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
बैठक में कार्यकारी अभियंता जल आपूर्ति नितिन कालिया ने जानकारी दी कि चरण-2 के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए वित्तीय आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत शौचालयों के लिए 2025-26 में 18.45 लाख रुपये की वार्षिक कार्यान्वयन योजना तैयार की गई है। इसी तरह, सामान्य शौचालयों के लिए 51 लाख रुपये और तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु स्वच्छ भारत मिशन, 15वें वित्त आयोग, और मनरेगा के माध्यम से 3429.28 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 6 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं के लिए 96 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
इस बैठक में एडीसी परमजीत कौर, डीडीपीओ संदीप मल्होत्रा, और बीडीपीओ मलकीत सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उन्होंने बैठक की कार्यवाही में योगदान दिया और विभिन्न कार्यों की प्रगति तथा योजनाओं के कार्यान्वयन में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। इस प्रकार की बैठकें न केवल योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि समुचित निगरानी और जन जागरूकता को बढ़ाने में भी मददगार होती हैं, जिससे स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।
अमृतसर में आयोजित इस बैठक के परिणाम स्वरूप जल आपूर्ति योजनाओं में तेजी लाने और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों की इस टीम ने स्पष्ट किया है कि वे प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी प्रकार की कमी को दूर किया जाएगा और सब कुछ सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का कार्यान्वयन प्रभावी ढंग से किया जाए।









