अमेरिका से निर्वासित मुस्कान का दर्द: 10 दिन बंधी रहीं, ठंड में AC चला!
अमेरिका द्वारा डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों में लुधियाना की मुस्कान भी शामिल हैं। इस युवती को अमेरिकी सैनिकों ने यूएस-मेक्सिको बॉर्डर के निकट पकड़ा। मुस्कान को 10 दिन तक सैन्य शिविर में रखा गया और फिर उसे भारत zurück भेज दिया गया। मुस्कान के परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेजने में लगभग 45 लाख रुपए खर्च किए थे। मुस्कान 5 जनवरी 2024 को इंग्लैंड में सीयू यूनिवर्सिटी में बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने आई थी, जहां वह अक्सर अपने व्यस्त शेड्यूल के बीच होटल में भी काम करती थी। हालाँकि, वर्तमान में उसका लगभग दो साल का वीजा पेंडिंग है।
मुस्कान ने मेक्सिको के तिजुआना में घूमने जाने का निर्णय लिया, जहाँ उसने हवाई यात्रा के जरिए पहुंचने के बाद बॉर्डर के पास पहुंचते ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर ली गई। उसे और अन्य 40 लोगों को अमेरिकी सैनिकों ने पकड़कर सैन्य कैंप में ले जाया। वहां, मुस्कान ने बताया कि अमेरिकी सैनिक सहायक थे और सही तरीके से सभी का मेडिकल परीक्षण भी हुआ। सैन्य कैंप में बिताए गए 10 दिनों के दौरान वह अनुभवों को साझा करते हुए कहती हैं कि वहां बहुत ठंड थी और केवल एक पतली चादर दी गई थी।
खानपान की दृष्टि से, मुस्कान ने बताया कि उन्हें दिन में कुल पांच बार भोजन मिलता था, जिसमें चिप्स, सेब, दूध आदि शामिल थे। सैन्य कैंप में रहने के दौरान, सभी की सुरक्षा का ध्यान रखा गया और महिलाओं के लिए अलग कमरे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की गई और केवल पासपोर्ट की जांच की गई। यह स्थिति कई लोगों के लिए तनावपूर्ण थी, लेकिन मुस्कान ने कहा कि किसी ने व्यक्तिगत रूप से उनका अपमान नहीं किया।
3 फरवरी 2024 को, मुस्कान को भारत वापस लाने के लिए उड़ान भरी गई। विमान में उन्हें हाथ-पैर बांधकर चढ़ाया गया। अमेरिका के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है और इसके फलस्वरूप सभी का समुचित ध्यान रखा गया था। अंततः, उनकी उड़ान 5 फरवरी को भारत में उतरी। अमृतसर में उनकी सुरक्षा और मेडिकल जांच की गई, और अमेरिकी सैनिकों ने उनके मोबाइल फोन वापस किए।
मुस्कान के परिवार में उसकी तीन बहनें हैं और वे उसकी विदेश में सेटल होने की उम्मीद कर रहे थे। मुस्कान के पिता ने बताया कि चंडीगढ़ में परिवार के रिश्तेदारों ने मीडिया में उनकी बेटी का नाम सुना और तुरंत संपर्क किया। जब मुस्कान अपने माता-पिता से मिली, तो वहां खुशी और दुख का मिला-जुला माहौल था। मुस्कान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि वे उसकी सहायता करें ताकि वह फिर से इंग्लैंड या किसी अन्य देश जा सके। मुस्कान का यह कहना है कि उसने कोई गलती नहीं की और उसे बिना किसी उचित कारण के भारत भेज दिया गया है। उसकी पढ़ाई के लिए यूके जाने का सपना अभी भी सिर पर है, और वह सरकार से मदद की उम्मीद करती है।









