दिल्ली दंगा : देवांगन कलीता की जांच से संबंधित केस डायरी को संरक्षित रखने की रिपोर्ट तलब
दिल्ली दंगा : देवांगन कलीता की जांच से संबंधित केस डायरी को संरक्षित रखने की रिपोर्ट तलब
नई दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने की आरोपित देवांगन कलीता की जांच से संबंधित केस डायरी को संरक्षित रखे जाने को लेकर दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब किया है। जस्टिस विकास महाजन ने मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी को करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा है कि देवांगन कलीता से संबंधित केस डायरी के दो वाल्यूम को किस तरह संरक्षित रखा गया है, इसे बताएं। दरअसल, 02 दिसंबर 2024 को हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि वो देवांगन कलीता से संबंधित दो केस डायरियों को संरक्षित कर रखे। आज सुनवाई के दौरान जब दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने इन केस डायरियों के संरक्षित रखे जाने पर कोर्ट को संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो कोर्ट ने इनका स्टेटस रिपोर्ट तलब कर लिया।
देवांगन कलीता की याचिका पर हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2024 को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। देवांगन कलीता की ओर से पेश वकील ने हाईकोर्ट से कहा था कि केस डायरी में पूर्व की तिथियों को अंकित कर बयानों को दर्ज किया गया है, जो कानूनी तौर पर वैध नहीं है। उन्होंने मांग की थी कि केस डायरी के दस्तावेजों को संरक्षित रखने का दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। तब कोर्ट ने कहा था कि हम एकतरफा आदेश जारी नहीं कर सकते हैं, दिल्ली पुलिस का जवाब आने दीजिए।
कलीता की ओर से कहा गया था कि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर सुनवाई चल रही है। आरोप तय करने पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने केस डायरी में पूर्व की तिथियों वाले बयानों का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि देवांगन कलीता की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करवाने में मुख्य भूमिका थी।
कलीता पर आरोप है कि उसने 22 फरवरी 2020 को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास सड़क जाम करने के लिए लोगों को उकसाया था। कलीता को यूएपीए के मामले में जमानत मिल चुकी है। इस मामले में जिन लोगों को आरोपित बनाया गया है उनमें सफूरा जरगर, ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा, शफा उर रहमान, आसिफ इकबाल तान्हा, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अतहर खान, शरजील इमाम, फैजान खान, नताशा नरवाल और देवांगन कलीता शामिल हैं। इनमें सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगन कलीता और नताशा नरवाल को जमानत मिल चुकी है।
बतादें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोग मारे गए थे और करीब दो सौ लोग घायल हो गए थे।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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