फाजिल्का में सैनिक का अंतिम संस्कार: हैदराबाद में हार्ट अटैक, 20 दिन बाद घर लौटना था!
हैदराबाद में भारतीय सेना के सूबेदार बलजिंदर सिंह (45) का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ। उनकी मौत ने पूरे गांव में शोक का माहौल बना दिया है। बलजिंदर सिंह पंजाब के फाजिल्का जिले के गाँव बन्नावाला के निवासी थे और 1811 लाइट रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका पार्थिव शरीर परिवार के पास लाकर सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार किया गया।
उनके पुत्र जोबन सिंह ने बताया कि बलजिंदर सिंह को हाल ही में पेट में इन्फेक्शन की समस्या के चलते सिकंदराबाद स्थित मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। यह अत्यंत दुखद घटना इस बात को दर्शाती है कि सेना में सेवा करते समय जीवन के अनिश्चितताओं का सामना करना कितना कठिन होता है। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति में केवल आठ महीने का समय बाकी रखा था।
सूबेदार बलजिंदर को सेना द्वारा 26 जनवरी को ऑनरेरी लेफ्टिनेंट और 15 अगस्त को ऑनरेरी कप्तान के पद पर पदोन्नत करने की योजना बनाई गई थी। उनकी सेवानिवृत्ति की नजदीकी ने इस घटना को और भी दुखद बना दिया है। उन्होंने हाल ही में अपने बेटे से फोन पर बात की थी और कहा था कि वह अगले 20 दिन में छुट्टी पर घर आएंगे, लेकिन यह निश्चित रूप से उनके परिवार के लिए एक गंभीर आघात साबित हुआ।
सेना के अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर बलजिंदर सिंह के अंतिम संस्कार की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। उनके सम्मान में दी गई हर एक प्रक्रिया से ऐसा प्रतीत हुआ मानो एक वीरता को सम्मान दिया जा रहा हो। परिवार के सदस्यों ने उनके अंतिम संस्कार के समय भावुक होकर अपने वीर पिता को विदाई दी। यह घटना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरा सदमा है।
बलजिंदर सिंह का योगदान न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि देश के लिए भी अमूल्य है। उनकी अमूल्य सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी और उनके बलिदान को सम्मानित किया जाएगा। ऐसे जवानों की शहादत से हमें हमेशा प्रेरणा मिलती है और उनके प्रति हमारी कृतज्ञता अदा की जानी चाहिए। भारत की सेना में तैनात जवानों की वीरता और त्याग के कारण ही हम सुरक्षित और स्वतंत्र जीवन जी रहे हैं।









