महाकुम्भ में स्नान करने पर शुभता का आगमन : सतीश राय

महाकुम्भ में स्नान करने पर शुभता का आगमन : सतीश राय

-हमारी धार्मिक मान्यताए एवं अनुष्ठान भी स्वस्थ रखने में सहायकप्रयागराज, 01 जनवरी (हि.स.)। हमारी धार्मिक मान्यताएं एवं अनुष्ठान भी हमें स्वस्थ रखने में सहायक हैं। महाकुम्भ में स्नान करने पर शुभता का आगमन होता है। बीमारियों को ठीक करने में जो मदद करती हैं, उसे मेडिसिन कहते हैं। हमारी परम्पराएं भी शरीर को निरोग रखती हैं।

यह बातें बुधवार को एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण और प्राकृतिक संस्थान में जाने माने स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति का अनुसरण कर हम बीमारियों को दूर कर सकते हैं। सूरज डूबने से पहले भोजन करना और सुबह 8 बजे के बाद खाने से शरीर में कई तरह से लाभ होते हैं। इसे लगातार एक माह से ज्यादा करते रहें तो शरीर का ब्लड प्रेशर शुगर सही होने लगता है। उन्होंने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए महाकुम्भ मेला के सेक्टर 10 में भी शिविर लग रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की निःशुल्क चिकित्सा भी करेंगे।

कुम्भ में स्नान करने से पाप व बुराइयों का होता है इलाजसतीश राय ने कहा कि हमारे धार्मिक त्योहार भी हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। महाकुम्भ में स्नान करने पर पाप व बुराइयों का इलाज होता है। कुम्भ के दौरान गंगा का पानी सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। सूर्य चंद्रमा की सकारात्मक विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा की शक्ति जल में प्रवाहित हो जाती है। इस कारण त्रिवेणी संगम महाकुम्भ मे स्नान करने वाले व्यक्ति के जीवन में शुभता का आगमन होता है।

कुम्भ में चमत्कारी गुणों से भर जाता है संगम का जलसतीश राय ने कहा कि ऐसी धार्मिक मानता है कि महाकुम्भ के दौरान संगम का जल चमत्कारी गुणों से भर जाता है। कुम्भ में स्नान करने से दैवीय तत्व जागृत होते हैं, जन्म-मृत्यु के चक्कर से मुक्ति मिलती है। देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। यदि गंगाजल को पानी की जगह पीते हैं तो शरीर के रोगों का नाश होता है।

सतीश राय ने कहा कि शहरों में आजकल लोगों के घरों में पक्के मार्बल के फर्श होते हैं। मिट्टी की जमीन से लोगों की दूरियां बढ़ गई हैं। इस कारण भी लोग बीमार होते हैं। लोग हमेशा चप्पल या जूता पहन कर रहते हैं। शरीर को जमीन से स्पर्श कराना एक चिकित्सीय तकनीक है। जमीन से निकलने वाली ऊर्जा शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। कुम्भ में रहकर यदि एक माह तक बालू में लेट कर सूर्य की किरणों को अपने शरीर पर 3 से 4 घंटे लेते हैं तो शरीर के रोग धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं। नींद अच्छी आएगी। विटामिन डी की कमी दूर होगी, शरीर के दर्द, घुटनों के दर्द, जोडों के दर्द, आर्थराइटिस, सूजन, पुराने दर्द में विशेष लाभ होगा।

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