लुधियाना में गवर्नर कटारिया की समाजसेवियों संग बैठक, नशामुक्ति जागरूकता की अपील!
पंजाब के लुधियाना में हाल ही में गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने शहर के विभिन्न धार्मिक, समाजसेवी, और शैक्षणिक कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क किया। गवर्नर ने बैठक में जोर देकर कहा कि पंजाब में बढ़ते नशे की समस्या को खत्म करने के लिए सभी धर्म और समुदायों के लोगों को एक साथ आकर इस लड़ाई में सक्रिय हिस्सा लेना चाहिए। उनके अनुसार, यह सभी के लिए एक नैतिक जिम्मेदारी है कि वे नशे के खिलाफ एकजुट होकर काम करें, ताकि पंजाब और इसकी युवा पीढ़ी को संरक्षित किया जा सके।
लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में आयोजित इस बैठक के दौरान, गुलाब चंद कटारिया ने स्पष्ट किया कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की भूमि है, और इसलिए वहां रहने वाले सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाएँ। उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाने के लिए एक सामूहिक प्रयास आवश्यक है। इस अभियान के तहत, समाजसेवियों से गुजारिश की गई कि वे स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने में मदद करें, ताकि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में सभी लोग शामिल हों।
गवर्नर ने विशेष रूप से एक नशे के खिलाफ 10 दिनों की मुहिम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह मुहिम जनवरी 2025 तक घर-घर जाकर नशे के खिलाफ सन्देश फैलाने के लिए आवश्यक है। इस तरह की मुहिम से न केवल नशे की लत का दायरा कम होगा, बल्कि समाज में इस विषय पर जागरूकता भी बढ़ेगी। गवर्नर कटारिया ने बैठक में यह भी जानकारी दी कि इस मुहिम के अंतर्गत जल्द ही एक वॉकथॉन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आम लोगों को भी भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गवर्नर के इस आह्वान से स्पष्ट होता है कि पंजाब की सरकार नशे की समस्या को गंभीरता से ले रही है। यह केवल प्रशासन की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। बैठक में शामिल सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस बात पर सहमति जताई कि नशे से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। लुधियाना के लोगों को नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जी सके।
इस तरह के प्रयासों से न केवल पंजाब की सामाजिक स्थिति को स्थिर करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह राज्य की आन-बान और शान को भी बहाल करने का काम करेगा। गवर्नर गुलाब चंद कटारिया की इस पहल का उद्देश्य है युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और उन्हें एक सकारात्मक दिशा की ओर प्रेरित करना।









