लुधियाना निकाय चुनाव: टिकट की दौड़ में फंसे AAP उम्मीदवार, विधायक परिवारवाद की मांग पर अड़े
पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) निगम चुनाव के टिकट वितरण में लगातार मुश्किलों का सामना कर रही है। पार्टी के विधायक अपने परिवार के सदस्यों को टिकट देने की जिद्द कर रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस विवाद के चलते पार्टी के अंदर की राजनीति काफी गर्मायी हुई है, और हाल में कई मौकों पर पार्टी के पुराने कार्यकर्ता और विधायक एक-दूसरे के सामने आ चुके हैं। बीती रात की एक घटना में, शहर के कार्यकर्ताओं और कुछ विधायकों के बीच तीखी बहस हुई, जो शहर में चर्चा का विषय बन गई है।
उदाहरण के तौर पर लुधियाना के विधायक मदन लाल बग्गा ने अपने पुत्र अमन बग्गा के लिए टिकट की मांग की है और इसके लिए वे सोशल मीडिया पर लोगों से समर्थन भी मांगने लगे हैं। इसी तरह, विधायक अशोक पाराशर ‘पप्पी’ भी अपने भाई राकेश पाराशर के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इसके अलावा, विधायक गुरप्रीत गोगी अपनी पत्नी सुखचैन बस्सी के लिए टिकट के लिए पार्टी नेतृत्व से अनुरोध कर रहे हैं। यह सब तब हो रहा है जब कांग्रेस ने गोगी के वार्ड से एक पूर्व मंत्री के करीबी की पत्नी को टिकट दे दिया है।
आप के अंदर टिकट बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं में हो रही तकरार को पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है, खासकर इस तथ्य को देखते हुए कि दिल्ली विधानसभा चुनाव भी जल्दी ही होने वाले हैं। पार्टी को अपने घटते समर्थन को देखते हुए बेहद सावधानी से अपनी स्थिति को संभालना होगा। अगर पार्टी अहम सीटों पर टिकट वितरण में असफल रहती है तो इसका नकारात्मक असर आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी इस नगर निगम चुनाव को जीतने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि वे दिल्ली में भी सफल हो सकें।
लुधियाना नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन का आज तीसरा दिन है, और इस बार शिरोमणि अकाली दल ने 37 उम्मीदवारों की सूची पहले ही घोषित कर दी है। वहीं, कांग्रेस और भाजपा ने भी अपनी-अपनी सूची जारी कर दी है। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों की पहली सूची अभी तक जारी नहीं की गई है, जिससे पार्टी के अंदर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लुधियाना में कुल 95 वार्ड हैं, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लिए सीटें विभाजित की गई हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी की ओर से अब तक किसी भी वार्ड के लिए कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ऐसे में, पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और टिकट बंटवारे की समस्या के कारण आम आदमी पार्टी की राह अब तक काफी परेशानियों से भरी नजर आ रही है। आगामी चुनाव हमें यह बताएंगे कि पार्टी इन चुनौतियों से किस प्रकार निपटती है और क्या वे जिले में अपनी ताकत को बनाए रख पाएंगे या नहीं।









