पटियाला में नाभा विधायक के पिता की बीमारी से मौत, कल होगी फूल चुगाई रस्म: नेताओं की श्रद्धांजलि
पटियाला में नाभा के विधायक गुरदेव सिंह देव मान के लिए आज एक दुखद दिन रहा, जब उनके पिता लाल सिंह का बीमारी के बाद निधन हो गया। लाल सिंह ने अपने पीछे अपनी पत्नी, माता भाग कौर, तथा अपने छह पुत्रों – हरदेव सिंह, जसदेव सिंह, गुरदेव सिंह देव मान, सुखदेव सिंह मान, कपिल मान, गुलाब मान और दो बेटियों जसविंदर कौर एवं सुखविंदर कौर को छोड़कर चले गए हैं। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव फतेहपुर राजपूतान के श्मशान घाट पर किया गया, जहां उनके पुत्र गुरदेव सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल सिंह की फूल चुगने की रस्म 29 नवंबर को सुबह 9 बजे फतेहपुर राजपूतान के श्मशान घाट पर आयोजित की जाएगी। इस दुखद घटना के बाद पटियाला के एसएसपी डॉ. नानक सिंह, एडीसी ईशा सिंगल, और एसडीएम नाभा डा. इस्मत विजय सिंह ने विधायक गुरदेव सिंह के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। सभी ने दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना की कि वे ईश्वर के चरणों में शांति प्राप्त करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में साहस प्रदान हो।
इस कठिन घड़ी में विधायक मानसा विजय सिंगला, विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की पत्नी सिमरनजीत कौर, जिला योजना कमेटी के अध्यक्ष जस्सी सोहिया वाला सहित कई गणमान्य लोग और रिश्तेदार श्रद्धांजलि अर्पित करने आये। इस अवसर पर डीपीआरओ भूपेश चठा, पूर्व विधायक रमेश सिंगला, एसपी राजेश छिब्बर, एसपी दविंदर अत्री, समेत अन्य कई प्रशासनिक और राजनीतिक नेता उपस्थित थे। इन सभी ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत लाल सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाई।
इस दुखद समाचार ने क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। लाल सिंह की गिनती एक सम्मानित और प्रिय व्यक्ति के रूप में की जाती थी। उनके परिवार के सदस्यों का दुख समझते हुए, क्षेत्र के नागरिकों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस मौके पर कई स्थानीय लोग और रिश्तेदार एकत्र हुए ताकि वे एकजुट होकर इस दुख में परिवार का सहारा बन सकें। सभी ने भगवान से प्रार्थना की कि वे शोकसंतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को शांति दें।
इस प्रकार, यह घटना न केवल विधायक गुरदेव सिंह के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक भारी क्षति है। लाल सिंह के चले जाने से उनके परिवार में खालीपन आ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। प्रियजन, दोस्त, और समाज के लोग इस कठिन समय में एकजुट होकर परिवार का साहारा बनने का प्रयास कर रहे हैं।









