अमृतसर में इंटरनेशनल ड्रग रैकेट का खुलासा: 60 करोड़ की ड्रग्स जब्त, बाप-बेटी गिरफ्तार!
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण सफलता के तहत मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तीन तस्करों, जिनमें एक महिला भी शामिल है, को गिरफ्तार किया और उनसे भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार बरामद किए हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 8.275 किलोग्राम हेरोइन, 6 किलोग्राम अफीम, 13.1 किलोग्राम रसायन, 4 पिस्तौल और 17 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। यह कार्रवाई न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में सहायक है बल्कि इसके साथ जुड़े हथियारों के कारोबार पर भी गहरा प्रहार है।
पुलिस के द्वारा गिरफ्तारी का यह अभियान खास जानकारी के आधार पर चलाया गया। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आदित्य प्रताप उर्फ काका की गतिविधियों की जांच के लिए इस्लामाबाद थाना की पुलिस ने जाल बिछाया। आदित्य को प्रेम नगर रोड पर स्थित एक बंद भट्ठे से पकड़ा गया, जहां से दो पिस्तौल और 13 जिंदा कारतूस मिले। उसकी गिरफ्तारी के बाद, शंभू कबीर का नाम भी सामने आया, जिसे पुरानी गैस गोदाम से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उसके पास से और हेरोइन और केमिकल बरामद की।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान के बाद, पुलिस ने और भी गिरफ्तारियां करने की योजना बनाई है। आदित्य के द्वारा मिली जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने दो पार्सल में और हेरोइन और केमिकल बरामद किए। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क के पीछे के अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस की प्राथमिकता यह है कि वे यह जान सकें कि ड्रग्स और हथियारों का स्रोत क्या है तथा इनका वितरण किन स्थानों पर किया जाना था।
अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है और कहा कि इससे पंजाब में नशे के कारोबार को तोड़ा जा सकेगा और सीमा पार के तस्करी नेटवर्क को भी कमजोर किया जा सकेगा। यह कार्रवाई यह भी स्पष्ट करती है कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी एक गंभीर समस्या बन गई है, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस का लक्ष्य आगे बढ़ते हुए इस मामले से जुड़े सभी नशे के तस्करों को गिरफ्तार करना और तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है।









