फतेहगढ़ साहिब में दिव्यांग स्कूल: NRI की तीन एकड़ दान, UK स्टाइल में पढ़ाई!
पंजाब की शहीदों की धरती फतेहगढ़ साहिब में विशेष (दिव्यांग) बच्चों के लिए एक नया स्कूल स्थापित होने जा रहा है। यह स्कूल इंग्लैंड में रहने वाले एनआरआई अरविंदर सिंह पाल द्वारा तीन एकड़ जमीन दान देने के बाद खोला जाएगा। उन्होंने जीटी रोड पर राजिंदरगढ़ के समीप यह भूमि खरीदी है। यह स्कूल इंग्लैंड में स्थापित विशेष स्कूलों के मॉडल पर संचालित किया जाएगा, जिससे बच्चों को उच्च स्तर की सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। हाल ही में, उन्होंने फतेहगढ़ साहिब स्पेशल चिल्ड्रन पेरेंट्स एसोसिएशन के साथ गुरुद्वारा साहिब के कांफ्रेंस हाल में एक बैठक की, जिसमें स्कूल के निर्माण की योजनाओं पर चर्चा की गई।
अरविंदर सिंह पाल ने बताया कि वे लुधियाना के निवासी हैं और उनका परिवार पिछले 60 सालों से इंग्लैंड में स्थायी रूप से निवास कर रहा है। विशेष बच्ची के जन्म के बाद उनके मन में यह ख्याल आया कि क्यों न पंजाब में विशेष बच्चों के लिए ऐसा कुछ किया जाए, जैसा कि यूके में हो रहा है। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड में विशेष बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षण सुविधाएं मिलती हैं और उन्हें परिवार पर बोझ नहीं बनने दिया जाता, इसी सोच के तहत वे पंजाब में एक स्कूल खोलने का प्रयास कर रहे हैं।
इस स्कूल में बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न कौशल सिखाए जाएंगे। अरविंदर सिंह ने बताया कि स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ, बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में व्यावधिक शिक्षा देने का भी प्रावधान होगा। इस दिशा में, इंग्लैंड से शिक्षकों को लाने के साथ-साथ वालंटियर्स को भी बुलाया जाएगा, ताकि बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा एवं प्रशिक्षण मिल सके।
जबकि अरविंदर सिंह ने पंजाब सरकार से किसी वित्तीय सहायता की मांग नहीं की है, लेकिन उन्होंने सरकार से यह अनुरोध किया है कि स्कूल खोलने के लिए सभी आवश्यक अनुमतियों को तेजी से प्रदान किया जाए। भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन किया जा चुका है, और जैसे ही यह अनुमति प्राप्त होगी, निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। अकाली नेता जगदीप सिंह चीमा ने भी आश्वासन दिया है कि एसजीपीसी की ओर से विशेष बच्चों के लिए हर संभव सहायता की जाएगी।
इस प्रकार, यह नया स्कूल विशेष बच्चों के लिए एक सकारात्मक कदम होगा, जो न केवल उन्हें शिक्षा देगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। स्कूल की स्थापना से न केवल बच्चों के परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि यह समाज में भी एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि पंजाब में विशेष बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।









