मोगा में एनआरआई की जमीन बेचकर 1.08 करोड़ की धोखाधड़ी, तीन आरोपी गिरफ्तार!
पंजाब के मोगा जिले में पुलिस ने एक गंभीर जालसाजी मामले का खुलासा करते हुए एक एनआरआई की संपत्ति को धोखे से बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह और बिट्टू सिंह हैं। इस गिरोह ने इंग्लैंड में रहने वाले रजनीश नामक व्यक्ति की जमीन को अपने नाम पर बताकर किसी अन्य व्यक्ति से 66 लाख रुपए की राशि निकाली और इस बीच 42 लाख के चेक भी लिए।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों का निर्माण करके 1 करोड़ 8 लाख रुपए की धोखाधड़ी की योजना के तहत काम कर रहा था। डीएसपी स्पेशल क्राइम, संदीप कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि थाने की अजीतवाल पुलिस ने इस संदिग्ध गतिविधि की जांच की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी से मामले की गंभीरता उजागर होती है, जिसमें कानून का मजाक उड़ाया गया है और एक विदेशी नागरिक को ठगा गया है।
पुलिस ने आरोपियों को रिमांड में लेकर गहन पूछताछ करने का निर्णय लिया है, ताकि इस मामले में संलग्न अन्य संभावित आरोपियों और उनके द्वारा किए गए धोखाधड़ी के तरीकों का पता चल सके। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं जो ऐसी अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं। मोगा पुलिस ने इस तरह के जालसाजी के मामलों पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया है और जनता से अपील की है कि अगर वे किसी संदिग्ध गतिविधि को देखते हैं तो उसे सूचित करें।
इस घटना ने यह एक बार फिर साबित कर दिया है कि जालसाजी के मामले में सावधानी रखने की आवश्यकता है, विशेषकर तब जब संपत्तियों का लेन-देन हो रहा हो। पुलिस ने एनआरआई नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपनी संपत्तियों के संबंध में किसी भी लेन-देन में सतर्क रहें और बिना उचित सत्यापन के किसी भी प्रक्रिया को आगे न बढ़ाएं। इस तरह की घटनाओं से न केवल प्रभावित व्यक्ति को वित्तीय नुकसान होता है, बल्कि यह उन्हें मानसिक रूप से भी प्रभावित कर सकता है।
मोगा पुलिस के इस प्रयास के बाद आस-पास के क्षेत्रों में भी जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि लोग जालसाजों से अपने आप को सुरक्षित रख सकें और ऐसी अनहोनी से बच सकें। इस मामले में पुलिस की तत्परता और कार्यवाही से निश्चित तौर पर समाज में जागरूकता बढ़ेगी और अन्य संभावित जालसाज़ों की सक्रियता पर अंकुश लगेगा।









