लुधियाना में बदमाशों का आतंक: नशीले पदार्थ रोकने पर हमले के लिए कुत्ते से अटैक!

लुधियाना के जनकपुरी क्षेत्र में बीती रात नशा सप्लाई करने वाले कुछ व्यक्तियों के साथ स्थानीय निवासियों की झड़प हुई। इस झड़प के दौरान, नशा तस्करी से जुड़े लोगों ने अपने पालतू कुत्ते को मोहल्ले के लोगों पर छोड़ दिया, जिससे दो युवा घायल हो गए। इसके अलावा, गणेश नगर में लगभग 15 से 20 युवकों ने एक कार पर तेज धार वाले हथियारों से हमलावर किया। जिन युवकों के पास बेसबॉल के बैट और लोहे की रड भी थी, उनकी करतूतों का सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त हुआ है।

घटना की जानकारी देते हुए एक स्थानीय निवासी, अमन कुमार ने बताया कि वह देर रात अपनी कार से काम से लौट रहा था। इस बीच, गली में रहने वाले युवक दलीप ने शराब पीकर गाली-गलौज शुरू कर दी और अमन पर आरोप लगाया कि उसकी मां नशा बेचने से रोकती है। गाली-गलौज़ बढ़ने के बाद, दलीप की मां ने अपने पालतू कुत्ते को मैदान में छोड़ दिया, जिसने दलीप को काट लिया। इसके चलते दलीप और उसके परिवार ने गली में ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

घायल युवक आकाश ने बताया कि वह अमन और दलीप के बीच की लड़ाई को रोकने के प्रयास में आए थे, लेकिन दलीप और उसके परिवार ने अपने कुत्ते को उनके ऊपर छोड़ दिया, जिससे उनके पैर को गंभीर चोट लगी। इस झगड़े के तुरंत बाद मोहल्ले के कुछ लोग मामले को संभाल लेने में सफल हो गए। लेकिन कुछ समय बाद, दलीप ने अज्ञात युवकों को बुलाकर उनकी कार में तोड़फोड़ करवाई। यह पहली बार नहीं है जब मोहल्ले में ऐसी हिंसात्मक घटना हुई है, बल्कि इससे पूर्व भी नशा तस्करों को रोकने के कारण मोहल्ले के 5-6 अन्य लोगों के साथ विवाद हो चुका है।

दूसरी ओर, दलीप के परिवार की ओर से सुनीता ने आरोप लगाया कि अमन और आकाश ने कुछ युवकों को बुलाकर उनके घर पर हमला करवाया। उनका कहना है कि उनका परिवार नशा नहीं बेचता है। जनकपुरी चौकी के इंचार्ज कपिल शर्मा ने बताया कि पूरे मामलों की जांच की जा रही है और इसकी गंभीरता से समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मामले की सत्यता स्पष्ट होगी, उचित कार्रवाई की जाएगी।

यह घटनाक्रम स्थानीय समाज में चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा की भावना को भी प्रभावित करती हैं। समाज में बढ़ती हुई सामूहिक हिंसा की प्रवृत्ति एक गंभीर समस्या है, जिस पर स्थानीय प्रशासन को गौर करने की आवश्यकता है।