कैबिनेट मंत्री का खन्ना दौरा: पंचायत चुनाव में 80% गांवों में जीत का दावा!
पंजाब में हाल ही में सम्पन्न हुए पंचायती चुनावों के परिणामों के बाद, पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने अपने हलके खन्ना में नई बनी पंचायतों का सम्मान किया। जीटी रोड पर स्थित शनिदेव मंदिर के सामने आयोजित समारोह में मंत्री ने नए सरपंचों और पंचों को सिरोपे पहनाकर उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों से मुंह मीठा करने की भी अपील की और नई पंचायतों के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
मंत्री सौंद ने यह दावा किया कि उनके हलके खन्ना के 67 गांवों में से 50 में आम आदमी पार्टी (आप) समर्थित पंचायतें बनी हैं। इस सफलता को समर्पित करते हुए उन्होंने पूरे पंजाब में 80 प्रतिशत गांवों में जीत के आंकड़ें साझा किए। यह बताना महत्वपूर्ण है कि इस बार के पंचायती चुनावों में युवाओं और महिलाओं ने काफी उत्साह और सक्रियता दिखाई, जिस पर मंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास हासिल करना और उसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। यह विश्वास गांवों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनेगा, जिससे वहां की समस्याएं हल हो सकेंगी।
सौंद ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब के गांवों में कहीं भी धक्केशाही की घटनाएं नहीं हुई हैं। विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ कराए गए थे। जनता ने आम आदमी पार्टी की विचारधारा को अपनाया और इसके फलस्वरूप पार्टी के मेंबर विजयी हुए। उन्होंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की राजनीति की भी प्रशंसा की, जोकि राज्य में विकास के मार्ग लॉक करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
सौंद ने गांवों के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया, यह बताते हुए कि पंजाब के गांवों की प्रगति को विदेशों में भी मिसाल के तौर पर पेश किया जा सकता है। उनकी मंशा है कि पंजाब के गांव सामाजिक और आर्थिक पहलुओं में एक आदर्श बना सके, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हो सके। उन्होंने पंचायतों को ग्रामीण परिवेश को और बेहतर करने के लिए एक प्लेटफार्म के रूप में देखने की बात भी कही, ताकि स्थानीय मुद्दों का समाधान समय पर किया जा सके।
इस सम्मान समारोह में पंचायती राज प्रणाली के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह प्रणाली लोगों को सीधा शासन के जरिए समस्याओं के हल की ओर ले जाती है। पंचायतें न केवल गांवों के विकास में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि समाज में समानता और अवसर का समावेश भी करती हैं। अंत में, उन्होंने सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने कार्यों के प्रति ईमानदारी और प्रतिबद्धता से काम करने का निर्देश दिया ताकि वे अपने गांवों के विकास में एक नई दिशा प्रदान कर सकें।









