पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री: धान खरीद का निरीक्षण, बलबीर सिंह का केंद्र पर निशाना!

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने आज पटियाला स्थित सरहिंद रोड पर अनाज मंडी का दौरा किया, जहां उन्होंने धान की खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के व्यवहार को पंजाब के प्रति गंभीर और नकारात्मक बताया। मंत्री ने मंडी में चल रहे प्रबंधन कार्यों पर संतोष जताते हुए कहा कि सभी जगह अनाज की जबरदस्त मांग होने के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा गोदामों में रखे अनाज को समय पर नहीं उठाने से लिफ्टिंग में समस्याएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार लगातार केंद्र के ऊपर दबाव बना रही है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र के मंत्रियों के साथ बैठक करने के लिए समय नहीं मिल रहा है।

इस अवसर पर डा. बलबीर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अनाज मंडियों को बंद करके किसानों और आढ़तियों के बीच संबंधों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार, किसान, मजदूर, शेलर और आढ़ती एक साथ खड़े हैं और केंद्र के तानाशाही आदेशों का सामना करेंगे। इससे स्पष्ट होता है कि पंजाब की सरकार केंद्रीय नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए तत्पर है।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा मंडी बोर्ड के फंड को रोकने की वजह से समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मंडियों में किसानों और मजदूरों के लिए नए शेड, शौचालय और विश्राम गृह बनाने का प्रस्ताव रखा था, जो अब तक लागू नहीं हो पाया है। इस वर्ष जिले में 40 अस्थाई खरीद केंद्रों की बजाए 109 खरीद केंद्रों को मान्यता दी गई है। यह दिखाता है कि राज्य सरकार किसानों के लिए उनके जीवनयापन को सहज बनाने के लिए गंभीर है, और सभी किसानों का फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।

डा. बलबीर सिंह ने गुजरात और महाराष्ट्र में चल रहे व्यापार का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कई गतिविधियां हो रही हैं, लेकिन पंजाब से अनाज के निर्यात पर प्रतिबंध होने के कारण यहां के किसानों और शेलर मालिकों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में व्यापार सक्रिय है, जबकि पंजाब को अनदेखा किया जा रहा है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र की नीतियों के कारण पंजाब का अनाज निरंतर थम गया है, जिससे राज्य के आर्थिक विकास में बाधा आ रही है।

इस प्रकार, डा. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पंजाब की सरकार ने किसानों, मजदूरों तथा आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पंजाब सरकार किसी भी परेशानी का सामना करने के लिए तैयार है। इससे यह संदेश मिलता है कि राज्य सरकार अपने किसानों का साथ देने में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है।