पंजाब में 125 फीट ऊंचे रावण दहन का जलवा: वाटरप्रूफ जैकेट और 900 पुलिस तैनात!
लुधियाना के दरेसी मैदान में आज एक भव्य पूजा-अर्चना के साथ 125 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। दशहरे के इस महोत्सव को मनाने के लिए यहां पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, जहां 900 से अधिक पुलिस जवान विभिन्न मेलों में तैनात किए गए थे। इस रावण के पुतले को तैयार करने पर 2 लाख रुपए की लागत आई। शहरवासियों में इस मेले को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला, और इस बार रावण को बेहद अनोखे अंदाज में पेश किया गया, जिसमें उसे राजा की जैकेट पहनाई गई थी और हाथ में 15 फीट लंबी तलवार दी गई थी, जिस पर रंगबिरंगी आतिशबाजी की गई।
अकील, जो आगरा के एक कुशल कारीगर हैं, ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाते आ रहे हैं। दरेसी ग्राउंड में बना यह पुतला पंजाब का सबसे बड़ा रावण है। पिछले साल भी उन्होंने यहां 120 फीट का रावण तैयार किया था, लेकिन इस बार इसकी ऊंचाई को और बढ़ाकर 125 फीट किया गया है। पुतले की डिजाइन कंप्यूटराइज्ड थी, जिससे उसकी खूबसूरती और बढ़ गई। आग में जलने के बाद पुतले से निकलने वाली रंग-बिरंगी रोशनी ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
अकील ने बताया कि रावण के पुतले को तैयार करने में लगभग 45 दिन लगते हैं और इसके लिए 20 कुशल कारीगरों की टीम काम करती है। ये कारीगर विभिन्न क्षेत्रों जैसे उपकार नगर, दुगरी, बीआरएस नगर, जमालपुर और खन्ना से आते हैं। वे सभी मिलकर पुतले का निर्माण करते हैं। कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी 60 फीट ऊंचे थे और उनकी कीमत 1 लाख रुपये प्रति पुतला थी। पुतलों को प्रबंधित करने के लिए दो क्रेनों का उपयोग किया जाता है, जिससे उन्हें सही ढंग से स्थापित किया जा सके।
इस कला के पीछे एक दिलचस्प कहानी है, क्योंकि अकील के मामा इमरान सिविल इंजीनियर हैं, जिन्होंने अपने पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। उनका परिवार 1992 से रावण बनाने का काम कर रहा है, और अब यह उनकी तीसरी पीढ़ी है। इस कड़ी में उनकी बहन भी है, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं और जब ज्यादा काम आता है, तो वह भी अपने भाई की मदद करने आती हैं।
दरेसी मेले में पार्किंग की सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, जहां नगर निगम मल्टी स्टोरी पार्किंग और कपूर अस्पताल की पार्किंग लोगों के लिए उपलब्ध कराई गई है। शहर में चार पहिया वाहनों की आवाजाही दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी। मेले में आने वाले लोगों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं और संभावित ट्रैफिक जाम से बचने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रमुख स्थानों पर रावण दहन का समय भी निर्धारित किया गया है, जिससे सभी लोग इसे समय पर देख सकें। उदाहरण के लिए, दरेसी ग्राउंड में रावण दहन का समय शाम 5:30 बजे है।









