अमृतसर में सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में भव्य रावण दहन की तैयारी, रूट बिना बदलाव!
अमृतसर के प्रतिष्ठित श्री दुर्गियाणा तीर्थ में इस वर्ष रावण दहन का कार्य पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा किया जाएगा। पहले की परंपरा के अनुसार, जहां हर साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले को सीधे जलाया जाता था, वहीं इस बार सीएम मान रिमोट के माध्यम से इसे अंजाम देंगे। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद, जिला उपायुक्त साक्षी साहनी और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने तुरंत मौके पर जाकर सभी आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया है।
श्री दुर्गियाणा तीर्थ में हर वर्ष 100 फीट ऊँचे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाकर दशहरा मनाया जाता है। इस अवसर पर यहां बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु भी एकत्रित होते हैं। इस कारण से सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है, ताकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी भी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। साक्षी साहनी ने बताया कि पब्लिक की सुगमता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी को भी जहरीले हालात का सामना न करना पड़े। भारी भीड़ को संभालने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिसमें बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।
इस बार श्री दुर्गियाणा कमेटी के साथ सांठगांठ में लगातार प्रबंधों की समीक्षा की जा रही है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने यह सुनिश्चित किया है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से कोई भी समस्या न बने और लोगों को इस आयोजन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि रूट डायवर्जन नहीं किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक सुचारु रूप से चलता रहे और लोगों को आसानी से उनकी मंजिल तक पहुंचाया जा सके।
इस दशहरे पर्व पर शनिवार को शहर में कुल 6 स्थानों पर रावण का दहन समारोह आयोजित किया जाएगा। हालांकि, पुलिस की मंजूरी के लिए केवल 5 दशहरा कमेटियों ने ही आवेदन दिया है। दुर्गियाणा कमेटी ने आर्मी से अनुमति लेकर दशहरा ग्राउंड में रावण का पुतला जलाने की योजना बनाई है। सभी स्थानों पर सूर्य अस्त होने से पहले ही रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाएंगे, जिससे सभी भक्त इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बन सकें।
इस आयोजन की तैयारी में सभी संबंधित अधिकारियों और समितियों के बीच समन्वय बना हुआ है, ताकि कोई भी अव्यवस्था न हो सके। सुरक्षा, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार का दशहरा समारोह विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









